जमा पूंजी का संचय बनाम ऋण का संकट: क्या बैंकों की सुस्ती से रुकेगा औरंगाबाद का विकास पहिया?
औरंगाबाद में बैंकिंग समीक्षा: 48.22% रहा CD Ratio, कृषि और KCC ऋण पर प्रशासन का जोर
औरंगाबाद : 29 सितंबर 2026 को औरंगाबाद समाहरणालय के सभागार में जिला स्तरीय परामर्शदात्री एवं समीक्षा समिति (DLCC/DLRC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने की। इसमें जिले में बैंकिंग गतिविधियों, ऋण वितरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
48.22% रहा CD Ratio
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 30 जून 2026 तक जिले में बैंकों में 12,534 करोड़ रुपये की जमा राशि थी, जबकि बैंकों द्वारा 6,044 करोड़ रुपये का अग्रिम ऋण दिया गया। इस आधार पर जिले का साख-जमा अनुपात (CD Ratio) 48.22 प्रतिशत रहा।
बैठक में कम CD Ratio वाले बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई और स्थानीय स्तर पर ऋण वितरण बढ़ाने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
वार्षिक साख योजना की समीक्षा
वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक साख योजना के तहत जून 2026 तक 1,557 करोड़ रुपये का ऋण वितरण हुआ, जो वार्षिक लक्ष्य का 16.77 प्रतिशत बताया गया। कुल वितरित ऋण में MSME क्षेत्र को 812 करोड़ रुपये और कृषि क्षेत्र को 405 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया।
KCC और कृषि ऋण पर जोर
बैठक में पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन से जुड़े किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) आवेदनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। संबंधित आवेदनों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
रूफटॉप सोलर, PMEGP और जीविका योजनाओं की समीक्षा
बैठक में पीएम सूर्य घर योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) तथा जीविका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों के बैंक और क्रेडिट लिंकेज की स्थिति पर भी चर्चा हुई। संबंधित योजनाओं के आवेदनों के निपटारे में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता
जिले में 214 बैंक शाखाओं, 1,224 बैंक मित्र/सीएसपी और 141 एटीएम के नेटवर्क की भी जानकारी बैठक में रखी गई। डिजिटल लेन-देन के साथ साइबर धोखाधड़ी से बचाव और वित्तीय साक्षरता को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिला प्रशासन की ओर से बैंकों से ऋण वितरण, KCC, स्वरोजगार योजनाओं और वित्तीय समावेशन से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा पात्र आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।