छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग बिजली व्यवस्था मे होगी भारी सुधार 169.84 करोड़ की प्रस्ताव को मिली मंजूरी
बिलासपुर संभाग में बिजली व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी, 169.84 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा
[बिलासपुर]
बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरडीएसएस (RDSS) स्कीम के दूसरे चरण में बिलासपुर संभाग के चार जिलों बिलासपुर, मुंगेली, जीपीएम और कोरबा के लिए कुल 169.84 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। योजना के तहत नए केबल लगाने, पुराने खंभे बदलने, ट्रांसफार्मर लगाने और 11 व 33 केवी के नए उपकेंद्र बनाने का प्रावधान किया गया है। काम पूरा होने के बाद आम लोगों को ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
सबसे बड़ा लाभ बिलासपुर शहर को
इस योजना के तहत सबसे ज्यादा 111.54 करोड़ रुपये के काम बिलासपुर जिले में प्रस्तावित हैं। विभाग के अनुसार, इससे शहरी क्षेत्र के करीब 3.55 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिल सकता है। योजना के दूसरे चरण में बिलासपुर के नेहरू नगर और तोरवा डिवीजन में 10 नए उपकेंद्र, 4 अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर और 33 केवी की 30 किलोमीटर लाइन बिछाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही 11 केवी की 31.20 किलोमीटर लाइन बिछाने और 3 स्थानों पर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने का भी प्रस्ताव है।
तकनीकी सुधार से ट्रिपिंग में कमी की उम्मीद
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नए उपकेंद्र और अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर लगने से मौजूदा नेटवर्क पर लोड कम होगा। इससे ओवरलोड के कारण होने वाली ट्रिपिंग और बार-बार बिजली बंद होने की समस्या में कमी आने की उम्मीद है। वहीं, 33 और 11 केवी की नई लाइनें बिछने से वितरण नेटवर्क की क्षमता भी बढ़ेगी।
आरडीएसएस के दूसरे चरण के लिए शुरुआती चार महीने में चारों जिलों का लगभग 400 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया था। बाद में प्रस्ताव को रिवाइज कर 169.84 करोड़ रुपये किया गया। राशि घटने की एक मुख्य वजह यह बताई गई कि योजना के तहत केवल 20 साल से अधिक पुराने तारों को बदलने का प्रावधान है, जबकि प्रारंभिक सर्वे में 10 साल पुराने तारों को भी सूची में शामिल कर लिया गया था। मैदानी सर्वे के बाद अब वास्तविक जरूरत वाले स्थानों पर ही काम प्रस्तावित किया गया है।