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दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन

By SANJAY PANDEY • 2026-10-08 06:22 • 18 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन

जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने गोवा में आखिरी सांस ली।
बीबीसी मराठी की सहयोगी पत्रकार प्राची प्रतिभा शिरिष से नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने अपने पिता के निधन की पुष्टि की है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, नाना पाटेकर का निधन गुरुवार तड़के गोवा स्थित उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ने के बाद हुआ।
75 वर्षीय अभिनेता को पणजी के पास डोना पाउला स्थित उनके अपार्टमेंट में बेहोश पाए जाने के बाद एक निजी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल से जुड़े वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. शेखर सालकर ने यह जानकारी दी।
सालकर ने बताया कि लगातार 45 मिनट तक सीपीआर देने के बावजूद पाटेकर को बचाया नहीं जा सका।
नाना पाटेकर के निधन पर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ''एक शानदार अभिनेता, लेकिन सबसे बढ़कर एक प्यारे दोस्त, नाना पाटेकर अब नहीं रहे। कुछ ही देर पहले गोवा में उनका निधन हो गया। कल ही उनसे बात हुई थी। उनके आखिरी शब्द थे 'कालजी घे राजा' (अपना ख़्याल रखना, राजा)।
मैं आपको पर्दे पर और पर्दे के बाहर बहुत याद करूंगा, नाना साहब। अच्छे और बुरे, हर दौर में आप हमेशा मेरे साथ खड़े रहे। ॐ शांति।''
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ''भारतीय फ़िल्म जगत के वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की ख़बर बेहद स्तब्ध करने वाली है। उनके प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।
''नाना और मेरे बीच बेहद क़रीबी और मित्रवत संबंध थे। अपने दमदार अभिनय के ज़रिए नाना पाटेकर ने मराठी और हिन्दी सिनेमा में पाँच दशकों से ज़्यादा समय तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। संवाद अदायगी की अपनी विशिष्ट शैली से उन्होंने फ़िल्मों के कई किरदारों को अमर कर दिया और अपनी अलग पहचान बनाई।
''उनका निधन भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति है। 'नाम फाउंडेशन' के ज़रिए महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाक़ों में जल संरक्षण और जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन के क्षेत्र में उन्होंने जो काम किया, वह उल्लेखनीय और महत्वपूर्ण है। आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों की ओर उन्होंने जो मदद का हाथ बढ़ाया, वह कई परिवारों के लिए सहारा बना। नाना न केवल एक बेहतरीन कलाकार और अभिनेता थे, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील व्यक्तित्व भी थे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे। ॐ शांति।''
नाना पाटेकर ने अपने लंबे करियर में कई चर्चित फिल्मों में काम किया। उनकी फिल्मों में 'ओ'रोमियो' भी शामिल है, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में थे। इस फिल्म में पाटेकर ने मुंबई इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख इस्माइल ख़ान का किरदार निभाया था।
उन्होंने अनिल कपूर की फिल्म 'सुबेदार' में भी अभिनय किया था, जिसका प्रीमियर मार्च 2026 में प्राइम वीडियो पर हुआ था। इससे पहले वह 'हाउसफुल 5' (2025) और 'वनवास' (2024) में नज़र आए थे। पाटेकर ने 2026 में प्रकाश झा की राजनीतिक ड्रामा सीरीज़ 'संकल्प' से ओटीटी पर भी काम किया, जिसमें उन्होंने माट साहब/कन्हैया लाल की केंद्रीय भूमिका निभाई थी।
अभिनेता रितेश देशमुख ने नाना पाटेकर को याद करते हुए उनके साथ बिताए समय का ज़िक्र किया। रितेश ने लिखा, ''आज मेरे पास शब्द नहीं हैं। ऐसा लग रहा है, जैसे मेरे दिल पर बिजली गिर पड़ी हो।
नाना चले गए... यह एक वाक्य ही मेरे मन को सुन्न और मुझे निःशब्द कर गया है।
आप अभिनय के उस आकाश की तरह थे, जिसकी कोई सीमा नहीं थी। अपनी अनोखी शैली से आपने दर्शकों के दिलों में एक ऐसी जगह बनाई, जिसे कोई हिला नहीं सकता।
कभी पर्दे पर दमकते हुए नायक, कभी ऐसा ख़लनायक जो रोंगटे खड़े कर दे, तो कभी गंभीर चेहरे के पीछे छिपा शरारती हास्य।
आपके अभिनय में हर रंग जीवंत हो उठता था।
पर्दे पर आप नायक थे, लेकिन पर्दे के पीछे उससे भी कहीं बड़े इंसान थे। 'ब्लफ़मास्टर' और 'हाउसफुल 5' में आपके साथ पर्दा साझा करना मेरा सौभाग्य था। लेकिन आपके साथ किसी मराठी फ़िल्म में काम करना, यह अधूरी इच्छा जीवनभर मुझे खलेगी।
आपकी बातें, आपसे हुई बातचीत, आपकी सराहना में पीठ पर थपकी और हमारे साथ बिताई दिल खोलकर हँसने वाली वो घड़ियां, यही मेरी असली कमाई हैं।
परिवार, प्रियजनों और आपके करोड़ों प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।
सचमुच, आज एक युग का अंत हो गया।
भावभीनी श्रद्धांजलि।''

नाना पाटेकर का फ़िल्मी सफ़र

नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के चर्चित अभिनेताओं में से एक थे। उनका करियर कई दशकों तक फैला रहा। 'परिंदा', 'प्रहार: द फ़ाइनल अटैक', 'क्रांतिवीर', 'अग्नि साक्षी', 'ख़ामोशी: द म्यूज़िकल', 'अब तक छप्पन' और 'वेलकम' जैसी फ़िल्मों में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली।
अभिनय के अलावा पाटेकर ने 'प्रहार: द फ़ाइनल अटैक' का निर्देशन भी किया था। सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
नाना पाटेकर ने 1978 में आई फिल्म 'गमन' से हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनानी शुरू की। 2000 के दशक में उनके अभिनय को व्यापक सराहना मिली, खासकर 'शक्ति: द पावर' (2002), 'अब तक छप्पन' (2004), 'अपहरण' (2005) और 'टैक्सी नंबर 9211' (2006) में।
2007 में आई कॉमेडी फिल्म 'वेलकम' में गैंगस्टर उदय शेट्टी के किरदार से उन्होंने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उन्होंने इसके सीक्वल 'वेलकम बैक' (2015) में भी इस किरदार को दोहराया।
पाटेकर ने कॉमेडी थ्रिलर 'हाउसफुल 5' में भी सहायक भूमिका निभाई थी।
2010 में वह राजनीतिक थ्रिलर 'राजनीति' में नज़र आए, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता की श्रेणी में फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था।
अभिनय के अलावा पाटेकर ने प्लेबैक सिंगिंग में भी अपनी आवाज़ दी। उन्होंने 'यशवंत' (1997), 'वजूद' (1998) और 'आंच' (2003) जैसी फ़िल्मों में गायक के रूप में भी योगदान दिया।
नाना पाटेकर का निधन चार दशकों से अधिक लंबे करियर के बाद हुआ। इस दौरान उन्होंने अभिनय, निर्देशन और थिएटर, तीनों क्षेत्रों में अपना योगदान दिया।

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