झांसी में खाकी पर बड़ा दाग: ₹25 लाख की लूट में 'असली' पुलिसवाले शामिल; चौकी से 100 कदम दूर वारदात, आरोपियों को VIP ट्रीटमेंट पर भड़के लोग!
झांसी में खाकी पर ऐसा दाग लगा है, जिसने पुलिस की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस चौकी से महज 100 कदम दूर दिनदहाड़े सूरत के एक ड्राई फ्रूट कारोबारी के मुंशी से ₹24.90 लाख की लूट हुई और सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस वारदात में असली पुलिसकर्मी ही शामिल निकले।
9 जुलाई की शाम कारोबारी जितेंद्र पटेल के मुंशी किशन दिलीप भाई पांचाल स्कूटी से वसूली की रकम लेकर जा रहे थे। तभी 'पुलिस' लिखी क्रेटा कार उनके सामने आकर रुकी। कार में बैठे लोगों में दो खाकी वर्दी पहने सिपाही थे। पुलिसकर्मियों को देखकर मुंशी को शक तक नहीं हुआ, लेकिन कुछ ही पलों में उन्हें जबरन कार में बैठा लिया गया और करीब ₹24.90 लाख लूट लिए गए।
मामले की जांच में जो सच सामने आया, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। पुलिस के मुताबिक इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड सूर्यांश यादव था। उसे यह रकम सतना भेजनी थी, लेकिन उसने पैसे हड़पने के लिए ही नकली नहीं बल्कि असली पुलिसवालों को अपनी साजिश में शामिल कर लिया। आरोप है कि जालौन पुलिस लाइन में तैनात फरार सिपाही नीरज राजपूत की मदद से तीन सिपाहियों को एक-एक लाख रुपये का लालच देकर गैंग में शामिल किया गया, ताकि खाकी देखकर कोई विरोध न करे।
झांसी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड सूर्यांश यादव, जालौन पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी राघवेंद्र राजपूत, आरक्षी मनोज कुमार समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से लूटी गई ₹24.50 लाख की नकदी और वारदात में इस्तेमाल 'पुलिस' लिखी क्रेटा कार भी बरामद कर ली गई। वहीं चार आरोपी, जिनमें एक सिपाही भी शामिल है, अभी फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद एक और तस्वीर ने लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया। आरोपियों को पुलिस लाइन ले जाने के लिए लग्जरी स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया गया और गर्मी से बचाने के लिए गाड़ी का एसी भी चलता रहा। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिन लोगों पर करोड़ों जैसी बड़ी वारदात में शामिल होने का आरोप है, उन्हें आखिर इतनी वीआईपी सुविधा क्यों दी गई?
इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब आम आदमी पुलिस की वर्दी देखकर खुद को सुरक्षित महसूस करता है, तब अगर उसी वर्दी का इस्तेमाल लूट के लिए होने लगे तो जनता आखिर किस पर भरोसा करे? पुलिस चौकी के इतने करीब ऐसी वारदात और उसमें खाकी की संलिप्तता ने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले पर आपकी क्या राय है? क्या ऐसे पुलिसकर्मियों पर सिर्फ निलंबन काफी है, या फिर उम्रकैद जैसी सख्त सजा मिलनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।
#jhansi #UPPolice #UttarPradesh #police #UPNews #Corruption