दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी ने किया रावण दहन, भगवान राम के आदर्शों पर दिया जोर
दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतीकात्मक तीर चलाकर किया रावण दहन, भगवान राम के आदर्शों पर दिया जोर
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित डीडीए उत्सव मैदान में आयोजित विजयादशमी समारोह में भाग लिया। श्री रामलीला समिति इंद्रप्रस्थ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाकर रावण दहन की परंपरा में हिस्सा लिया। यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत के पारंपरिक संदेश के साथ संपन्न हुआ।
भगवान राम के आदर्शों पर प्रधानमंत्री का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने विजयादशमी को सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक बताया। उन्होंने भगवान राम के आदर्शों, मानवीय मूल्यों और समाज में सत्य तथा न्याय के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं भी दीं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में गरीबों और वंचित वर्गों की सेवा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सत्य और मानवता के साथ खड़े रहने से अंततः विजय प्राप्त होती है। उनके संदेश में भगवान राम के आदर्शों और राष्ट्र के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया गया।
आईपी एक्सटेंशन में आयोजित हुआ समारोह
श्री रामलीला समिति इंद्रप्रस्थ द्वारा आयोजित विजयादशमी कार्यक्रम में पारंपरिक रामलीला उत्सव के तहत रावण दहन किया गया। प्रधानमंत्री की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में विजयादशमी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रमुखता दी गई।
विजयादशमी, जिसे दशहरा भी कहा जाता है, भारत के प्रमुख त्योहारों में शामिल है। रामायण की परंपरा के अनुसार, यह पर्व भगवान राम की रावण पर विजय का प्रतीक है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस अवसर पर रामलीला का मंचन और रावण के पुतले का दहन किया जाता है।
विजयादशमी का सांस्कृतिक महत्व
विजयादशमी का संदेश सत्य, न्याय और नैतिक मूल्यों के महत्व से जुड़ा है। यह पर्व लोगों को अहंकार और अन्याय से दूर रहकर सकारात्मक आचरण अपनाने की प्रेरणा देता है। विभिन्न क्षेत्रों में इसे स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाता है।
दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री की भागीदारी और उनका संबोधन विजयादशमी की परंपरा तथा भगवान राम के आदर्शों के महत्व को सामने लाया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश सत्य, मानवता और समाज के प्रति जिम्मेदारी को प्राथमिकता देना रहा।