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नेपाल में आई भयावह बाढ़ कैसे पूरे बाज़ार को बहा ले गई, 150 से ज़्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों लापता

By SANJAY PANDEY • 2026-08-27 04:49 • 9 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
नेपाल में आई भयावह बाढ़ कैसे पूरे बाज़ार को बहा ले गई, 150 से ज़्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों लापता

नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ से भारी तबाही, कई लोग लापता

नेपाल: नेपाल के भोटेकोशी नदी क्षेत्र में बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने रसुवा और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ के कारण कई लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि सुरक्षा बलों के जवानों और विदेशी पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

बाढ़ से कई घर, पुल, सड़कें, पनबिजली परियोजनाएं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए हैं। नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित तिमुरे और रसुवागढ़ी क्षेत्र में भी व्यापक नुकसान की जानकारी सामने आई है।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे के बहाव में अचानक रुकावट आने के बाद तेज जलप्रवाह नीचे की ओर बढ़ा। कुछ रिपोर्टों में इस घटना का संबंध भूकंपीय गतिविधि के बाद हुए हिमस्खलन से भी जोड़ा गया है। हालांकि, बाढ़ के सटीक कारण और घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इलाके में भारी बारिश की सूचना नहीं थी। ऐसे में अचानक आई बाढ़ ने लोगों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज गति से पानी आने के कारण तिमुरे बाजार और आसपास के क्षेत्रों में काफी नुकसान हुआ।

प्रधानमंत्री कार्यालय और स्थानीय प्रशासन की ओर से बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई है। इनमें विदेशी नागरिक और सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल बताए गए हैं। लापता लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आ रही हैं और आधिकारिक आंकड़ों का सत्यापन किया जा रहा है।

नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, रसुवा और नुवाकोट के कई इलाकों में बाढ़ का असर देखा गया है। तिमुरे, स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, त्रिशूली, बट्टार और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, पुल तथा अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर नेपाल-चीन व्यापार से जुड़े मार्ग भी प्रभावित हुए हैं।

बाढ़ के कारण कई जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की जानकारी है। नुकसान का कुल आकलन अभी पूरा नहीं हुआ है। कुछ रिपोर्टों में कई किलोमीटर सड़क और कई पुलों के बह जाने की बात कही गई है।

विदेशी नागरिकों के लापता होने की खबरों के बीच भारतीय नागरिकों के भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे यात्री शामिल हो सकते हैं। हालांकि, लापता भारतीय नागरिकों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

नेपाल सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सेना, सशस्त्र पुलिस और पुलिस बलों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया है। प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टरों के माध्यम से भी खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। तेज जलप्रवाह और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत कार्य में चुनौतियां बनी हुई हैं।

भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सलाह दी गई है। नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन सहित नदी किनारे के क्षेत्रों में भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बातचीत कर जनहानि पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने संकट की इस घड़ी में नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।

नेपाल सरकार की ओर से प्रभावित लोगों के बचाव, राहत और चिकित्सा सहायता के लिए संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं। स्थिति का आकलन करने और राहत कार्यों में समन्वय के लिए प्रशासनिक स्तर पर बैठकें भी की जा रही हैं।

फिलहाल बचाव अभियान जारी है और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों, लापता लोगों और संपत्ति के नुकसान से जुड़े आंकड़े राहत एवं बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ अधिक स्पष्ट हो सकते हैं।

नोट: मृतकों, लापता लोगों और बाढ़ के कारण से जुड़े आंकड़ों में आधिकारिक अपडेट के अनुसार बदलाव संभव है। अंतिम आंकड़ों के लिए नेपाल सरकार और संबंधित प्रशासन की आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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