सरकारी विभाग की अनदेखी से बड़ी दुर्घटना होते-होते टली, प्राथमिक पाठशाला की जर्जर छत ने खड़े किए गंभीर सवाल.
ग्राम सभा पपगाड, विकासखंड धौलादेवी जनपद अल्मोड़ा, उत्तराखंड । ग्राम सभा पपगढ़ स्थित प्राथमिक पाठशाला में दिनांक 29 सितंबर 2023 को स्कूल भवन की छत का एक हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। गनीमत रही कि जिस स्थान पर छत का हिस्सा गिरा, उस समय वहां कोई बच्चा या विद्यालय स्टाफ मौजूद नहीं था। इसके चलते एक बड़ी अनहोनी होते-होते टल गई।
बताया जा रहा है कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति और मरम्मत की आवश्यकता को लेकर प्रधानाध्यापिका द्वारा कई बार शिक्षा विभाग को लिखित रूप से अवगत कराया गया था। इसके बावजूद समय रहते विद्यालय भवन की मरम्मत के लिए आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा ग्राम प्रधानों को भी कई बार विद्यालय की स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
छत का हिस्सा गिरने की घटना ने एक बार फिर विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा बच्चों की बुनियादी जरूरत है, लेकिन विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं और भवन की सुरक्षा की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि जर्जर छत का हिस्सा किसी बच्चे या शिक्षक के ऊपर गिर जाता और कोई गंभीर हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? जब विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति के बारे में संबंधित विभाग को पहले ही कई बार लिखित रूप से जानकारी दी जा चुकी थी, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
ग्रामीणों ने कहा कि क्या शिक्षा विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? हादसा होने के बाद विभाग जागे, उससे पहले ही विद्यालय की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करना जरूरी है। हादसा हो जाने के बाद जांच और कार्रवाई करने से क्या फायदा, जब खतरे की जानकारी पहले से ही विभाग के संज्ञान में थी?
ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला पपगढ़ के भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए, जर्जर छत एवं भवन की आवश्यक मरम्मत कराई जाए तथा बच्चों और विद्यालय स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की जिंदगी से जुड़ी इस गंभीर समस्या को अब नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। विभाग को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल कदम उठाने चाहिए।