आगरा में प्रॉपर्टी धोखाधड़ी के दो बड़े मामले, एफ आई आर दर्ज
आगरा: आगरा में संपत्ति खरीद से जुड़े दो मामलों में कथित धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई हैं। पहले मामले में एक महिला ने आधार हाउसिंग फाइनेंस बैंक की नीलामी में आठ लाख रुपये जमा कराने के बावजूद संपत्ति नहीं मिलने और रकम वापस न किए जाने का आरोप लगाया है। दूसरे मामले में एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि जिस मकान का सौदा उससे किया गया, वह पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेचा जा चुका था। पुलिस ने दोनों मामलों में शिकायतों के आधार पर कार्रवाई शुरू की है।
नीलामी में आठ लाख रुपये जमा कराने का आरोप
नगला भवानी सिंह निवासी रजनी ने थाना सदर बाजार में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उन्होंने संजय प्लेस स्थित आधार हाउसिंग फाइनेंस बैंक की नीलामी में एक संपत्ति खरीदने के लिए 27 फरवरी 2026 को आठ लाख रुपये जमा कराए थे। शिकायत के अनुसार, उन्हें 15 दिनों में संपत्ति अपने नाम किए जाने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, रजनी का आरोप है कि 30 सितंबर 2026 तक न तो संपत्ति उनके नाम की गई और न ही जमा की गई रकम वापस मिली। मामले में बैंक का पक्ष और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि की जानी बाकी है।
पहले बिक चुके मकान का दोबारा सौदा करने का आरोप
कृष्णा विहार कॉलोनी निवासी कृष्ण गोपाल गुप्ता ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की है कि उन्होंने 17 जुलाई 2026 को पवन कुमार गर्ग, सुनील कुमार गर्ग और प्रवीण कुमार गर्ग से खुशी एन्क्लेव स्थित दो मंजिला मकान का सौदा 24 लाख रुपये में किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने 11.80 लाख रुपये अग्रिम दिए थे। इसमें 9.80 लाख रुपये श्री दाऊजी स्वीट्स फर्म के खाते में स्थानांतरित किए गए, जबकि दो लाख रुपये नकद दिए गए। शेष 12.20 लाख रुपये रजिस्ट्री के समय देने तय हुए थे।
संपत्ति की खोज रिपोर्ट के बाद शिकायत
शिकायतकर्ता का कहना है कि मकान खरीदने के लिए बैंक ऋण आवेदन के दौरान संपत्ति की खोज रिपोर्ट निकलवाई गई। उनके अनुसार, रिपोर्ट में सामने आया कि मकान 5 फरवरी 2025 को ललित मल्होत्रा को बेचा जा चुका था। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। रिपोर्ट में दी गई जानकारी और भुगतान संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना कमला नगर पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। दोनों मामलों में आरोपों की सत्यता और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी जाँच के निष्कर्षों के आधार पर निर्धारित होगी।