बड़ा बनने की चाहत में घर छोड़ कर भागे आगरा के तीन बच्चे
आगरा : ‘बड़ा आदमी बनकर लौटूंगा… I Love You Papa-Mummy’: घर छोड़कर भागे आगरा के तीन बच्चे, जयपुर से लौटे; 24 घंटे में सकुशल बरामद..आगरा बड़े सपने देखने और जिंदगी में कुछ बड़ा करने की चाह में आगरा के तीन बच्चे अचानक घर से निकल गए। जाते-जाते उन्होंने माता-पिता के लिए एक भावुक पत्र छोड़ा, जिसमें लिखा था— 'बड़ा आदमी बनकर लौटूंगा' और 'I Love You Papa Ji और Mummy Ji'। बच्चों के अचानक गायब होने से परिवारों में हड़कंप मच गया, लेकिन थाना लोहामंडी पुलिस ने करीब 24 घंटे की लगातार मशक्कत के बाद तीनों को सकुशल बरामद कर लिया।
क्या है पूरा मामला?
थाना लोहामंडी क्षेत्र के रहने वाले तीन बच्चे 17 अक्टूबर को घर से अचानक लापता हो गए थे। उनके पिता के मुताबिक, तीनों ईदगाह बस स्टैंड से जयपुर के लिए रवाना हुए थे। वे बाहरी दुनिया देखने और कुछ बड़ा करने की सोच के साथ आगे बढ़े। हालांकि, अगले दिन उन्हें घर की याद आई और वे वापस आगरा लौट आए। आगरा पहुंचने के बाद तीनों राजामंडी रेलवे स्टेशन के आसपास पहुंचे, जहां पुलिस ने चामुंडा देवी मंदिर के पास से उन्हें सकुशल बरामद कर लिया।
घर में छोड़ गए थे भावुक खत
पुलिस के मुताबिक, घर से जाते समय बच्चों ने एक पत्र छोड़ा था, जिसमें उन्होंने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वे कुछ समय के लिए घर छोड़कर जा रहे हैं और जब कुछ बड़ा हासिल कर लेंगे तो वापस लौटेंगे। उन्होंने पढ़ाई में मन नहीं लगने की बात भी कही थी। परिवार के मुताबिक, बच्चे इंस्टाग्राम पर रील और वीडियो देखते थे। वे एक-दूसरे को ऐसे वीडियो भी शेयर करते थे, जिनमें घर से बाहर जाकर कुछ बड़ा करने और कुछ साल बाद सफल होकर लौटने जैसी बातें दिखाई जाती थीं।
सीसीटीवी से सोशल मीडिया तक खंगाले सुराग
पुलिस ने बच्चों की तलाश के लिए कई स्तर पर काम किया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। संभावित रास्तों और सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। स्थानीय लोगों को बच्चों के फोटो दिखाकर उनके बारे में पूछताछ की गई। इसके साथ ही सर्विलांस टीम को भी सक्रिय किया गया और बच्चों की सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच की गई।
बच्चे मिले तो परिवार ने ली राहत की सांस
करीब 24 घंटे की तलाश के बाद तीनों बच्चों के सकुशल मिलने से परिवारों ने राहत की सांस ली। परिजनों ने आगरा पुलिस और थाना लोहामंडी की टीम का आभार जताया। पुलिस के मुताबिक, तीनों बच्चों में से दो नाबालिग हैं और सभी को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया जाएगा। यह मामला बदलते डिजिटल माहौल में बच्चों के साथ संवाद की जरूरत को भी सामने लाता है।