*रास्ते में बिगड़ी हालत तो 102 एंबुलेंस में कराया प्रसव, जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित* (आनन्द कुमार द्विवेदी,ब्यूरो कौशाम्बी) नारा,(कौशाम्बी)
रास्ते में बिगड़ी हालत तो 102 एंबुलेंस में कराया प्रसव, जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित
(आनंद कुमार द्विवेदी, ब्यूरो कौशांबी)
नारा, (कौशांबी)
उत्तर प्रदेश में संचालित 102 एंबुलेंस सेवा एक बार फिर संकट की घड़ी में जीवनरक्षक साबित हुई। प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। शिशु के गले में गर्भनाल फंसी होने से स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई। ऐसे में एंबुलेंस कर्मियों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए रास्ते में ही सुरक्षित प्रसव कराया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
परिजनों की सूचना पर 102 एंबुलेंस संख्या UP32EG7013 मौके पर पहुंची। ईएमटी ऊषा देवी और पायलट सुनील कुमार ने प्रसूता सबा खातून को स्ट्रेचर के जरिए एंबुलेंस में शिफ्ट किया और अस्पताल के लिए रवाना हुए। रास्ते में प्रसव पीड़ा तेज होने और शिशु के गले में गर्भनाल फंसे होने की जानकारी मिलने पर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एंबुलेंस को रोक दिया गया। ईएमटी ऊषा देवी ने तत्काल आवश्यक सावधानियां बरतते हुए प्रसव कराया और शिशु के गले में फंसी गर्भनाल को सुरक्षित तरीके से हटाया। इसके बाद ईआरसीपी डॉक्टर सुरेंद्र के परामर्श के अनुसार प्रसूता को प्राथमिक उपचार दिया गया और सीएचसी काकोरी में सुरक्षित भर्ती कराया गया।
समय पर मिली मदद से मां और नवजात दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। परिजनों ने 102 एंबुलेंस सेवा, स्वास्थ्य विभाग, ईएमटी ऊषा देवी, पायलट सुनील कुमार और चिकित्सा टीम का आभार जताते हुए कहा कि संकट की घड़ी में एंबुलेंस कर्मियों की तत्परता उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं रही। एंबुलेंस कर्मियों की सूझबूझ और समय पर लिए गए निर्णय ने एक मां और उसके नवजात को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।