ROB निर्माण से जाम वैकल्पिक मार्ग की मांग
आगरा: ROB निर्माण से यातायात और कारोबार प्रभावित, वैकल्पिक मार्ग की मांग को लेकर व्यापारियों का धरना
आगरा, 22 अक्टूबर 2026: अर्जुन नगर और बारहखंभा क्षेत्र में ईदगाह-खेरिया रेल ओवरब्रिज (ROB) निर्माण के दौरान यातायात प्रभावित होने की शिकायत को लेकर व्यापारियों का धरना जारी है। स्थानीय कारोबारियों और निवासियों के अनुसार, निर्माण कार्य के कारण जाम की स्थिति बन रही है, जिससे दुकानों तक ग्राहकों की पहुंच प्रभावित हो रही है।
चार दिन से जाम की शिकायत
उपलब्ध समाचार-पत्र की कटिंग के अनुसार, बारहखंभा मार्ग पर पिछले चार दिनों से जाम की स्थिति बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि इससे स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहा है और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि निर्माण कार्य पूरा होने तक आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। उन्होंने यातायात प्रबंधन बेहतर करने और निर्माण क्षेत्र के आसपास स्पष्ट संकेतक लगाने की भी मांग की है।
राज्यसभा सांसद ने सुनीं समस्याएं
समाचार-पत्र की कटिंग के मुताबिक, राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन बुधवार को धरनास्थल पर पहुंचे और व्यापारियों तथा स्थानीय निवासियों से बातचीत की। कटिंग में यह भी उल्लेख है कि उन्होंने जिलाधिकारी से फोन पर बात कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया।
कटिंग के अनुसार, सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी और पूर्व पार्षद मनोज यादव ने भी धरने को समर्थन दिया।
ROB पर गर्डर बदलने की तैयारी
उपलब्ध विवरण के अनुसार, ईदगाह-खेरिया ROB पर पुराने ओपन वेब गर्डर हटाकर उनकी जगह कंपोजिट गर्डर लगाने की तैयारी है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 10 करोड़ रुपये बताई गई है। कार्य पूरा करने के लिए 15 जनवरी की समय-सीमा का उल्लेख है, हालांकि संबंधित वर्ष की पुष्टि आवश्यक है।
निर्माण स्थल पर सुरक्षा के लिए दीवार और गेट लगाने की तैयारी की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, निर्माण के विभिन्न चरणों और बारहखंभा क्षेत्र में यातायात की स्थिति के बीच संबंध स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभागों से पुष्टि आवश्यक है।
वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की मांग
व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से निर्माण कार्य के दौरान यातायात सुचारु रखने और जाम की समस्या कम करने के लिए व्यावहारिक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। उपलब्ध समाचार-पत्र की कटिंग में प्रशासन की ओर से किसी अंतिम निर्णय या लिखित आश्वासन का उल्लेख नहीं है। संबंधित प्रशासनिक और रेलवे अधिकारियों की प्रतिक्रिया मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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