सहायता राशि के भुगतान मे देरी छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी
सहायता राशि का आवेदन 2 साल से लंबित, हाईकोर्ट ने तहसीलदार की कार्यशैली पर जताई नाराजगी
बिलासपुर- शिवनाथ नदी में डूबने से पति की मौत के बाद सहायता राशि के लिए दिए गए आवेदन को करीब 22 महीने तक लंबित रखने पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बोदरी तहसीलदार की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई है
कोर्ट ने इतने लंबे समय तक आवेदन पेंडिंग रखने पर सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
कोर्ट ने कहा है कि किसी अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत होने के बाद उसका नियमानुसार निराकरण करना उसका दायित्व है, और उसे अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता
मामला: याचिकाकर्ता अंजू सिंह (बिलासपुर निवासी) के पति रविशंकर सिंघड़ौले 14 अक्टूबर 2024 की रात करीब आठ बजे शिवनाथ नदी के रेलवे पुल के पास नहाते समय गहरे पानी में डूब गए थे
आवेदन: पति की मृत्यु के बाद अंजू ने 21 नवंबर 2024 को बोदरी तहसीलदार के समक्ष सहायता राशि के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, साथ ही आवश्यक दस्तावेज भी दिए थे, लेकिन लंबे समय तक आवेदन पर कोई फैसला नहीं लिया गया
हाईकोर्ट का निर्देश: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार को बिलासपुर की अंजू सिंह के आवेदन पर सुनवाई का अवसर देकर 15 दिन के भीतर निर्णय लेने का सख्त निर्देश दिया है