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काशी विश्वनाथ धाम के ललिता घाट पर बिखरी अलौकिक छटा: शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुई भव्य गंगा आरती, भक्ति में डूबे श्रद्धालु!

By GYANESH KUMAR SRIVASTAVA • 2026-07-17 04:39 • 2 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
काशी विश्वनाथ धाम के ललिता घाट पर बिखरी अलौकिक छटा: शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुई भव्य गंगा आरती, भक्ति में डूबे श्रद्धालु!

श्री काशी विश्वनाथ धाम के विशाल गंगा द्वार (ललिता घाट) पर हर शाम होने वाली भव्य गंगा आरती का दृश्य अत्यंत दिव्य, अलौकिक और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होता है।

मार्च 2026 में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा इस भव्य आरती की शुरुआत की गई है, जिससे अब बाबा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा आरती के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता।

आरती के मनोरम दृश्य की मुख्य विशेषता-

एंवैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद: शाम 6 बजे आरती की शुरुआत सात अर्चकों द्वारा शंख की ध्वनि, डमरुओं के गूंजते निनाद और सस्वर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होती है।

अर्चकों का पारंपरिक स्वरूप: सभी सात अर्चक पारंपरिक धोती-कुर्ता पहने हुए पूरी तरह लयबद्ध होकर विशाल पीतल के दीपों से मां गंगा की वंदना करते हैं।

दीपों का दिव्य प्रकाश: जलते हुए विशाल कपूर और बहुस्तरीय दीपों की रोशनी जब मां गंगा की लहरों पर पड़ती है, तो पूरी नदी सुनहरी आभा से चमक उठती है।

भक्तों का जनसैलाब और जयघोष: घाट की सीढ़ियों पर हजारों की संख्या में बैठे श्रद्धालु करतल ध्वनि (तालियों) के साथ "हर हर महादेव" और "जय मां गंगा" का गगनभेदी जयघोष करते हैं।

नावों का अनूठा नजारा: नदी के भीतर तैरती सैकड़ों छोटी-बड़ी नावें और बजरे रोशनी से जगमगाते हैं, जिनमें बैठकर सैलानी इस अलौकिक छटा को कैमरे में कैद करते हैं।

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