राजनांदगांव | संवाददाता रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के डोंगरगांव क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जिसमें एक सरकारी स्कूल में शौचालय निर्माण कार्य और उससे जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। यह मामला दर्राबांधा मिडिल स्कूल से संबंधित बताया जा रहा है।
सूत्रों और स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल में शौचालय निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। दीवारें और अन्य संरचनात्मक कार्य पूरे होने के बाद अंतिम चरण का कार्य चल रहा है। इसी दौरान निर्माण प्रक्रिया और भुगतान से संबंधित कुछ प्रशासनिक विवाद सामने आए हैं।
लगाए गए आरोप
स्कूल के प्रधान पाठक बसंत वर्मा का कहना है कि शिक्षा विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी द्वारा भुगतान प्रक्रिया के दौरान अनियमित मांग से संबंधित बातें कही गईं। उनके अनुसार, उनसे किसी प्रकार के अतिरिक्त भुगतान या “कमीशन” की मांग जैसी बात सामने आई, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया।
इसके बाद उन्हें विभागीय स्तर पर स्पष्टीकरण नोटिस जारी किए जाने की भी बात सामने आई है।
प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल
इस पूरे मामले में यह भी सवाल उठ रहा है कि जब निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, तब विभागीय कार्रवाई और नोटिस जारी करने की प्रक्रिया किन आधारों पर की गई।
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी प्रश्न उठाए जा रहे हैं।
शिकायत और आगे की कार्रवाई
प्रधान पाठक द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर मामले की जांच और संबंधित प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की गई है। साथ ही, आगे की कार्रवाई को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की अपेक्षा जताई गई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया अपेक्षित
इस मामले में संबंधित विभाग या प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी प्राप्त नहीं हुई है। मामले की सत्यता और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
निष्कर्ष
यह मामला प्रशासनिक प्रक्रिया, पारदर्शिता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े प्रश्नों को सामने लाता है। फिलहाल यह प्रकरण जांच और पुष्टि की प्रक्रिया में है।