बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, एएसपी राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में SJPU की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न (आनन्द कुमार द्विवेदी/ब्यूरो कौशाम्बी)
*बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, एएसपी राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में SJPU की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न*
(आनन्द कुमार द्विवेदी/ कौशांबी ब्यूरो)
*कौशाम्बी। जनपद में बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की प्रभावी मॉनिटरिंग और त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से 25 फरवरी 2026 को दुर्गा भाभी सभागार, पुलिस कार्यालय कौशाम्बी में अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 107 के अंतर्गत गठित विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जनपद में बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति एवं बाल विवाह की रोकथाम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। एएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में तत्काल संज्ञान लेते हुए कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।साथ ही POCSO Act से संबंधित प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए उन्होंने गुणवत्तापूर्ण विवेचना, पीड़ित बच्चों की सुरक्षा तथा समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया पर विशेष बल दिया। जनपद में गुमशुदा बच्चों के पंजीकृत एवं लंबित प्रकरणों की स्थिति का आंकलन करते हुए उन्होंने शीघ्र बरामदगी और निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जे.जे. एक्ट के प्रावधानों एवं न्यायालय/संबंधित प्राधिकरणों के आदेशों के प्रभावी अनुपालन पर भी जोर दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने जागरूकता अभियान चलाकर आमजन, विद्यालयों और अभिभावकों को बाल सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने के निर्देश दिए, ताकि अपराध की रोकथाम जमीनी स्तर पर हो सके। बैठक में प्रभारी एएचटीयू, प्रभारी एसजेपीयू, महिला सेल में नियुक्त अधिकारी/कर्मचारी, जनपद के समस्त थानों में नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारी एवं सहायक बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, सीडब्ल्यूसी सदस्य, जे.जे.बी. सदस्य, बाल संरक्षण अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर तथा चाइल्ड लाइन के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के माध्यम से जनपद कौशाम्बी में बाल सुरक्षा के प्रति पुलिस प्रशासन की सक्रियता और गंभीरता एक बार फिर स्पष्ट रूप से सामने आई।*