April 14, 2026

लखनऊ: बेटे पर पिता की हत्या कर शव के टुकड़े ड्रम में छुपाने का आरोप, नीट की तैयारी को लेकर हुआ था विवाद

(नोट: इस कहानी के कुछ हिस्से आपको विचलित कर सकते हैं.)

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाक़े में 20 फरवरी से गायब एक कारोबारी का धड़ उनके घर से ही एक ड्रम से बरामद किया गया है. शव के कई टुकड़े किए गए थे और कुछ टुकड़े शहर के एक हिस्से में फेंके भी गए थे.

मानवेंद्र प्रताप सिंह 49 साल के थे जालौन के रहने वाले थे और लखनऊ में कारोबार करते थे.

पुलिस ने उनकी हत्या के मामले में उनके बेटे, 21 साल के अक्षत प्रताप सिंह को गिरफ़्तार किया है.

पुलिस उपायुक्त विक्रांत वीर ने कहा, “अक्षत प्रताप सिंह ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि 20 फरवरी को उसके और उसके पिता के बीच विवाद हुआ था. इसके बाद उसने पिता को गोली मार दी.”पुलिस ने इस मामले में दर्ज एफ़आईआर का ब्यौरा नहीं साझा किया लेकिन एक बयान में कहा कि “अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा में लेकर आवश्यक पूछताछ और विधिक कार्यवाही की जा रही है.”आशियाना थाने के एसएचओ छत्रपाल सिंह ने बताया, “अभियुक्त ने अपने पिता के लाइसेंसी राइफ़ल से उन्हें गोली मारी थी. जिसे बरामद कर लिया गया है.”

पुलिस के अनुसार मानवेंद्र प्रताप सिंह और उनके बेटे के बीच पढ़ाई को लेकर विवाद चल रहा था. अक्षत बी कॉम का छात्र है.

डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने कहा, “अभियुक्त से पूछताछ में पता चला है कि मानवेंद्र सिंह अपने बेटे पर नीट (मेडिकल) परीक्षाओं की तैयारी करने और मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के लिए दबाव बना रहे थे. इस बात को लेकर पिता-पुत्र में तनाव था और उनके बीच अक्सर विवाद हो जाता था.”

आशियाना पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को सुबह करीब 4:30 बजे दोनों के बीच एक बार फिर बहस हुई, “बहस के दौरान अक्षत ने कथित तौर पर राइफल से अपने पिता को गोली मार दी. इसके बाद वह शव को तीसरी मंजिल से नीचे ग्राउंड फ्लोर पर लेकर आया और एक खाली कमरे में रख कर उसके कई टुकड़े किए.”

पुलिस के अनुसार, “अभियुक्त ने शव के टुकड़े कर उन्हें प्लास्टिक बैग में पैक किया. उसके कुछ हिस्सों को सदरौना इलाके के पास फेंक दिया, जबकि अन्य अवशेष घर के अंदर एक नीले ड्रम में रखे थे.”

एसएचओ छत्रपाल सिंह ने बीबीसी हिन्दी से कहा “हमने शव के सभी टुकड़े बरामद कर लिए हैं.”

उन्होंने कहा,” जांच से प्रतीत होता है कि अभियुक्त का पढ़ाई को लेकर पिता से अक्सर विवाद रहता था”

अभियुक्त ने बारहवीं तक की पढ़ाई लखनऊ के एक नामी स्कूल से की थी. वह अभी बी कॉम की पढ़ाई कर रहा था.लखनऊ मध्य के डीसीपी विक्रांत वीर के मुताबिक अक्षत ने 20 फरवरी को अपने पिता मानवेंद्र प्रताप सिंह के लापता होने की सूचना थाना आशियाना में दर्ज कराई गई थी.

इसके बाद से पुलिस मानवेंद्र की तलाश में जुटी हुई थी. इसी दौरान स्थानीय लोगों ने उनके घर से तेज दुर्गंध आने की शिकायत की.

सूचना मिलने पर 23 फ़रवरी को पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उसने घर की तलाशी ली. तलाशी के दौरान ग्राउंड फ्लोर के एक कमरे में रखे ड्रम से शव बरामद हुआ.

मृतक मानवेंद्र सिंह की दो संतान हैं. बेटा अक्षत और एक बेटी जो एक स्थानीय स्कूल में पढ़ाई कर रही है.

मानवेंद्र प्रताप सिंह के रिश्तेदारों ने नाम ज़ाहिर न करने की शर्त पर बताया कि अक्षत पहले नीट की कोचिंग करता था लेकिन दो बार परीक्षा देने के बाद भी पास नहीं हो पाया था.

लखनऊ के यूनिटी कॉलेज में साइकोलॉजी की सहायक प्रोफसर शम्सी अकबर कहती हैं, “घर में लगातार झगड़े, पारिवारिक दबाव, गुस्सा या लंबे समय तक बना तनाव कभी-कभी हिंसक व्यवहार को जन्म दे सकता है.”

उनका कहना है, “पढ़ाई को लेकर दबाव या जबरदस्ती भी एक ट्रिगर की तरह काम कर सकती है, लेकिन यह अपने आप में किसी गंभीर मानसिक बीमारी का प्रमाण नहीं है. ”

उनका कहना है कि मनोविज्ञान में ऐसे मामलों को कई संभावित कारणों के आधार पर समझने की कोशिश की जाती है, डॉक्टरों या क्लिनिकल मनोवैज्ञानिकों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद ही ऐसे मामलों में किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है.

SANJAY PANDEY

SANJAY PANDEY

District Reporter

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