मुंबई : Mumbai Suburban Railway को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की जीवनरेखा माना जाता है। प्रतिदिन लाखों यात्री इन ट्रेनों में सफर करते हैं। यात्रियों की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) डिब्बों की व्यवस्था की गई है, जिनका किराया सामान्य श्रेणी से अधिक होता है। लेकिन हाल के दिनों में प्रथम श्रेणी में बिना टिकट यात्रा करने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे नियमों का पालन करने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई ट्रेनों में देखा गया है कि सामान्य टिकट लेकर यात्री प्रथम श्रेणी के डिब्बों में चढ़ जाते हैं। भीड़ के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है। इससे न केवल वैध टिकट धारकों के अधिकारों का हनन होता है, बल्कि रेलवे को भी राजस्व की हानि होती है। कुछ मामलों में टिकट जांच कर्मियों की अनुपस्थिति या लापरवाही के कारण ऐसे यात्री बच निकलते हैं, जिससे नियमों का भय कम होता जा रहा है। यात्रियों का कहना है कि प्रथम श्रेणी का अतिरिक्त किराया वे सुविधा, सुरक्षा और अपेक्षाकृत कम भीड़ के लिए चुकाते हैं। यदि वही भीड़ और अव्यवस्था यहां भी रहेगी तो अतिरिक्त शुल्क देने का औचित्य समाप्त हो जाता है। विशेष रूप से कार्यालय समय में यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है।
रेल प्रशासन से अनुरोध है कि नियमित और सघन टिकट जांच अभियान चलाया जाए, प्रमुख स्टेशनों पर विशेष टीम तैनात की जाए तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, जागरूकता अभियान चलाकर यात्रियों को नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया जाए। यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो प्रथम श्रेणी की व्यवस्था अपना महत्व खो देगी।