अंबेडकरनगर जिले में ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पहला फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) स्थापित किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। यह प्लांट आलापुर तहसील के रामनगर विकासखंड अंतर्गत बहलोलपुर नीबा क्षेत्र में प्रस्तावित है। इसका मुख्य उद्देश्य सेप्टिक टैंकों से निकलने वाले अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना है।
वर्तमान में जिले की 899 ग्राम पंचायतों में सेप्टिक टैंकों से निकलने वाली गाद और गंदगी का निस्तारण खुले क्षेत्रों, सड़क किनारे या नालियों में किया जाता है। ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से होने वाले इस असंगठित निस्तारण से दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और जल प्रदूषण जैसी समस्याएं बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
प्रस्तावित प्लांट लगभग एक एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस प्लांट में अपशिष्ट के ठोस भाग को सुखाकर जैविक खाद में बदला जाएगा, जबकि गंदे पानी को फिल्टर और शुद्ध कर सिंचाई एवं सफाई कार्यों के उपयोग योग्य बनाया जाएगा।
प्रशासन की योजना वर्ष 2025 तक जिले में ऐसे दो प्लांट स्थापित करने की है। बहलोलपुर नीबा के बाद दूसरे स्थान पर भी इसी प्रकार की परियोजना विकसित करने की तैयारी की जा रही है, ताकि कचरा ढुलाई की दूरी कम हो और सफाई व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सके।
जिला पंचायत राज अधिकारी उपेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि परियोजना का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। प्रदेश स्तर पर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान सभी तकनीकी और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।