चित्रकूट की धार्मिक नगरी में एक तथाकथित बाबा के खिलाफ संत समाज द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने का मामला सामने आया है। संत समाज के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, ‘भरतदास’ नामक व्यक्ति पर धार्मिक स्थलों की मर्यादा भंग करने, विवाद उत्पन्न करने, कथित मारपीट, अवैध वसूली तथा कब्जे जैसे आरोप लगाए गए हैं। संत समाज का कहना है कि संबंधित व्यक्ति असावर माता मंदिर और वाल्मीकि आश्रम में रह रहा था और वहां मौजूद पुजारियों एवं अन्य लोगों के साथ विवाद की घटनाएं हुईं।
ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में कई प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासनिक या पुलिस अधिकारियों की ओर से सार्वजनिक रूप से नहीं की गई है।
संत समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए तथा धार्मिक स्थलों की शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
इस संबंध में संत समाज के प्रतिनिधियों—इन्द्रयान सापमाप्रार्थी, नारायण दास, महादेन दास और ओम दास महाराज—ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर ज्ञापन सौंपा।