सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में खराब रिज़ल्ट पर सख्त कार्रवाई, वार्डन सहित 20 शिक्षकों का वेतन रोका
धनबाद/निरसा से विशेष रिपोर्ट
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में खराब रिज़ल्ट पर सख्त कार्रवाई, वार्डन सहित 20 शिक्षकों का वेतन रोका
धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र स्थित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (केजीबीवी) में कक्षा 10 के अत्यंत खराब परीक्षा परिणाम ने शिक्षा विभाग को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। शिक्षा परियोजना के अध्यक्ष एवं जिला प्रशासन के निर्देश पर वार्डन सहित कुल 20 शिक्षकों के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। साथ ही सभी संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
रिज़ल्ट ने उठाए कई सवाल
विद्यालय में कुल 73 छात्राओं ने परीक्षा दी थी, जिनमें से मात्र 7 छात्राएं ही सफल हो सकीं। शेष छात्राओं में कई अनुत्तीर्ण रहीं, जबकि बड़ी संख्या को कम्पार्टमेंट मिला। यह परिणाम न केवल विद्यालय प्रबंधन बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विभाग ने इसे स्पष्ट रूप से शैक्षणिक लापरवाही का मामला माना है।
विभाग ने मानी गंभीर चूक
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विद्यालय में पढ़ाई की गुणवत्ता, नियमित मूल्यांकन और छात्रों की शैक्षणिक निगरानी में भारी कमी पाई गई। विशेष रूप से गणित और विज्ञान जैसे विषयों में छात्राओं का प्रदर्शन अत्यंत कमजोर रहा, जहां कई छात्राओं को मात्र 1 से 2 अंक ही प्राप्त हुए।
नए शिक्षकों की भूमिका पर भी सवाल
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि विद्यालय में हाल ही में 11 नए शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, जिनमें 7 पीजीटी और 4 टीजीटी शामिल हैं। इन शिक्षकों को 70 से 80 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन दिया जा रहा है, बावजूद इसके छात्रों के परिणाम में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा। इससे शिक्षकों की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।
मिड-डे मील मामले में भी कार्रवाई
इसी क्रम में मिड-डे मील योजना के तहत समय पर एमडीएम (SMS) रिपोर्ट न भेजने के मामले में जिले के 248 विद्यालय प्रभारियों का वेतन भी रोक दिया गया है। विभाग ने इसे प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना मानते हुए कड़ी कार्रवाई की है।
जांच जारी, आगे और कार्रवाई संभव
जिला शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
शिक्षा व्यवस्था सुधारने का संकेत
यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि सरकार अब शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले शिक्षकों और संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
1 Comment
ASHUTOSH KUMAR MAIRH
April 20, 2026Thanks