बिना काम कराए राशि निकाली ग्राम पंचायत सचिव सस्पेंड ग्राम पंचायत घोटाला
बिलासपुर / कोटा / ग्राम पंचायत घोटाला
बिना काम कराए राशि निकाली; सचिव सस्पेंड
आमागोहन पंचायत में नाली-सड़क व चबूतरा बनाने के नाम पर 5.92 लाख की वित्तीय गड़बड़ी, जांच में पुष्टि
बिलासपुर छत्तीसगढ़ - बिलासपुर जिला अंतर्गत आने वाले कोटा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत आमागोहन में 15वें वित्त आयोग की राशि के इस्तेमाल में बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। जनपद पंचायत कोटा की जांच और जिला पंचायत की टीम के मौके निरीक्षण में पुष्टि हुई है कि कागजों में काम दिखाकर लाखों की राशि आहरित कर ली गई, जबकि धरातल पर कोई निर्माण नहीं हुआ।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 5 से 17 दिसंबर 2024 के बीच कुल 5.97 लाख रुपये की राशि निकाली गई। इसमें वार्ड-3 में करीब 100 मीटर नाली निर्माण के लिए 3.80 लाख रुपये, वार्ड-12 में सीसी रोड के लिए 4.50 लाख रुपये और बाजारपारा में चबूतरा निर्माण के लिए 1 लाख रुपये शामिल है। मौके पर तीनों ही कार्य नहीं मिले।
जांच में कुल 5.92 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता मानते हुए जिला पंचायत सीईओ बिलासपुर ने पंचायत सचिव राजेश कुमार उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
पूरे मामले में एक और गंभीर लापरवाही सामने आई है। सचिव ने 5 जून 2026 की विशेष ग्राम सभा के नाम पर पोर्टल पर वर्ष 2025 की पुरानी बैठक की तस्वीरें अपलोड कर दीं।
जिला पंचायत ने सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। सचिव ने 20 जुलाई 2026 को जवाब प्रस्तुत किया, जिसे सीईओ ने असंतोषजनक मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है
₹5.92 लाख की राशि में गड़बड़ी, पोर्टल में पुरानी बैठक की तस्वीरें डाली
• वार्ड-3 नाली (3.80 लाख): पूरी राशि निकली, मौके पर नाली नहीं • वार्ड-12 सीसी रोड (4.50 लाख): राशि निकली, सड़क नहीं बनी • बाजारपारा चबूतरा (1 लाख): राशि निकली, चबूतरा नहीं मिला • सचिव ने पूछताछ में निर्माण नहीं कराने की बात स्वीकार की