महिला आयोग के रजत जयंती मंच से सीएम सम्राट चौधरी के बड़े दावे — 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार, PhD फेलोशिप का ऐलान,
बिहार महिला आयोग की रजत जयंती पर 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार और PhD फेलोशिप समेत कई घोषणाएं
पटना, 19 सितंबर 2026: बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर पटना के बापू सभागार में रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोग की 25 वर्षों की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई और आयोग को समर्पित विशेष डाक टिकट जारी किया गया।
समारोह में महिलाओं के रोजगार, उच्च शिक्षा, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने से संबंधित योजनाओं और लक्ष्यों की जानकारी दी।
एक करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जीविका के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने सिलाई, मुर्गी पालन, बकरी पालन और अन्य गतिविधियों को महिलाओं के लिए आय के अवसरों से जोड़ने की बात कही।
1,000 छात्राओं के लिए PhD फेलोशिप
समारोह में मुख्यमंत्री ने बालिका PhD फेलोशिप के तहत हर वर्ष 1,000 छात्राओं को सहायता देने की घोषणा की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, प्रत्येक छात्रा को चार वर्ष तक प्रतिमाह ₹10,000 की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है।
महिलाओं के लिए समर्पित विश्वविद्यालय की योजना
मुख्यमंत्री ने बिहार में महिलाओं के लिए एक समर्पित विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में सरकार के प्रयासों की भी जानकारी दी। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे महिलाओं की उच्च शिक्षा और शोध के अवसरों को बढ़ाने वाली प्रस्तावित पहल के रूप में बताया गया है। विश्वविद्यालय की स्थापना से संबंधित विस्तृत स्थान, समयसीमा और प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी अलग से स्पष्ट किया जाना बाकी है।
महिला आयोग की भूमिका पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आयोग को केवल शिकायतों के समाधान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए सरकार को नियमित सुझाव भी देने चाहिए। उन्होंने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण में आयोग की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने आयोग की भूमिका को महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा से जोड़ते हुए उसके भविष्य के कामकाज के लिए शुभकामनाएं दीं। कुछ रिपोर्टों में मुख्यमंत्री के उस बयान का भी उल्लेख है जिसमें उन्होंने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण में आयोग की सक्रिय भूमिका की बात कही।
महिला आयोग के 25 वर्षों का सफर
बिहार राज्य महिला आयोग ने अपने 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोग की अब तक की गतिविधियों और कार्यों को कार्यक्रम के माध्यम से प्रस्तुत किया। पूर्व की रिपोर्टों के अनुसार, आयोग के पास 25 वर्षों में 90,788 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें लगभग 75,000 मामलों के निपटारे की जानकारी दी गई थी।
रजत जयंती समारोह में आयोग की उपलब्धियों के साथ महिलाओं के रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक भागीदारी से जुड़े भविष्य के लक्ष्यों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। घोषित योजनाओं के प्रभाव और क्रियान्वयन का आकलन उनके विस्तृत दिशा-निर्देश, बजट, चयन प्रक्रिया और समयसीमा सामने आने के बाद किया जा सकेगा।