CURRENT AFFAIRS

EPF निकासी पर नए TDS नियम 2026: कर्मचारियों के लिए जानना क्यों है जरूरी?

By PRAMOD KUMAR VERMA • 2026-07-20 17:15 • 5 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
EPF निकासी पर नए TDS नियम 2026: कर्मचारियों के लिए जानना क्यों है जरूरी?

भारत सरकार और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने EPF निकासी से जुड़े टैक्स नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए नियमों का उद्देश्य कर्मचारियों के लिए EPF निकासी प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाना है। खासतौर पर TDS (Tax Deducted at Source) से संबंधित नियमों में बदलाव किया गया है, जिससे लाखों कर्मचारियों को लाभ मिल सकता है।

क्या है नया बदलाव?

नए नियमों के अनुसार अब EPF निकासी पर TDS छूट के लिए पहले उपयोग किए जाने वाले फॉर्म 15G और 15H की जगह फॉर्म 121 लागू किया जाएगा।

यह फॉर्म आयकर विभाग द्वारा शुरू किया गया एक ऑनलाइन घोषणा पत्र (Declaration Form) है, जिसके माध्यम से पात्र कर्मचारी EPF निकासी पर TDS कटौती से बच सकते हैं।

फॉर्म 121 क्या है?

फॉर्म 121 एक ऑनलाइन सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म है, जिसे कर्मचारी आयकर पोर्टल पर भर सकते हैं। यदि किसी कर्मचारी की कुल आय कर योग्य सीमा (Taxable Limit) से कम है और उस पर कोई कर देयता नहीं बनती है, तो वह इस फॉर्म के माध्यम से TDS न काटने का अनुरोध कर सकता है।

फॉर्म 121 की प्रमुख विशेषताएं

फॉर्म 15G और 15H का स्थान लेगा।

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।

एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) जारी किया जाएगा।

संबंधित वित्तीय वर्ष के लिए वैध रहेगा।

EPF निकासी दावा करते समय UIN दर्ज करना होगा।

पात्र कर्मचारियों को TDS कटौती से राहत मिलेगी।


EPF निकासी पर TDS कब लगेगा?

1. पांच वर्ष या उससे अधिक सेवा

यदि कर्मचारी ने लगातार 5 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर ली है, तो EPF निकासी पर किसी भी राशि पर कोई TDS नहीं कटेगा, चाहे PAN उपलब्ध हो या नहीं।

2. पांच वर्ष से कम सेवा

यदि कर्मचारी ने 5 वर्ष से कम सेवा की है, तो निम्न नियम लागू होंगे:

निकासी राशि PAN उपलब्ध PAN उपलब्ध नहीं

₹50,000 तक कोई TDS नहीं कोई TDS नहीं
₹50,000 से अधिक 10% TDS 20% TDS


PAN और KYC अपडेट रखना क्यों जरूरी है?

EPFO ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को अपना UAN (Universal Account Number) और KYC विवरण अपडेट रखना चाहिए।

यदि PAN लिंक नहीं है, तो निकासी पर TDS की दर 10% के बजाय 20% तक हो सकती है। इसलिए समय रहते PAN, आधार और बैंक विवरण अपडेट कर लेना जरूरी है।

एक उदाहरण से समझिए

मान लीजिए किसी कर्मचारी ने 3 वर्ष नौकरी की है और वह अपने EPF खाते से ₹1,20,000 निकालना चाहता है।

बिना फॉर्म 121

TDS @10% = ₹12,000

कर्मचारी को प्राप्त राशि = ₹1,08,000


फॉर्म 121 के साथ

यदि कर्मचारी की आय कर योग्य सीमा से कम है और वह पात्रता शर्तों को पूरा करता है, तो:

TDS नहीं कटेगा

कर्मचारी को पूरी राशि ₹1,20,000 प्राप्त होगी


यदि TDS कट जाए तो क्या करें?

यदि किसी कारणवश EPF निकासी पर TDS कट जाता है और आपकी आय कर योग्य नहीं है, तो आप आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करके उस राशि का रिफंड प्राप्त कर सकते हैं।

कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

✔️ UAN को आधार और PAN से लिंक रखें।
✔️ KYC विवरण समय-समय पर अपडेट करें।
✔️ EPF निकासी से पहले फॉर्म 121 की पात्रता जांच लें।
✔️ 5 वर्ष की सेवा पूरी होने पर TDS की चिंता नहीं होगी।
✔️ आयकर रिटर्न समय पर दाखिल करें ताकि कटा हुआ TDS वापस मिल सके।

निष्कर्ष

1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले EPF निकासी के नए TDS नियम कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया को अधिक सरल और डिजिटल बनाएंगे। फॉर्म 121 की शुरुआत से योग्य कर्मचारियों को अनावश्यक TDS कटौती से राहत मिलेगी। साथ ही PAN और KYC अपडेट रखने से अतिरिक्त कर कटौती से बचा जा सकेगा।

EPFO का यह कदम कर्मचारियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने और टैक्स अनुपालन को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

PRAMOD KUMAR VERMA 0 followers