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फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में यूपी की नई पहल, अब ‘नेवर टेकन’ तक पहुंचने पर जोर

By SHYAM SINGH • 2026-10-23 08:08 • 7 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में यूपी की नई पहल, अब ‘नेवर टेकन’ तक पहुंचने पर जोर
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फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में यूपी की नई पहल, अब ‘नेवर टेकन’ तक पहुंचने पर जोर

  • फ्रंटलाइन वर्कर और पीएसपी सदस्य नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से कर रहे जागरूकता, सामने आए कभी दवा न लेने वाले कई लोग
  • आशा कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर कर रही हैं लोगों की पहचान और दवा सेवन के लिए प्रेरित
  • जमीनी स्तर पर व्यवहार परिवर्तन की दिख रही नई राह

लखनऊ, 22 अक्टूबर 2026।

प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य के मद्देनजर अब उन लोगों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जो अब तक सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान से दूर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की रणनीति में इस बार ‘नेवर टेकन’ यानी कभी दवा न लेने वाले लोगों की पहचान और पात्र व्यक्तियों को फाइलेरिया रोधी दवा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर है। यह पहल अभियान को केवल दवा वितरण तक सीमित रखने के बजाय समुदाय में व्यवहार परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

घर-घर पहुंचकर खोजे जा रहे दवा से दूर रहे लोग

प्रदेश के 16 जिलों की 53 प्लानिंग यूनिट (पीयू) में एमडीए अभियान 19 नवंबर से 7 दिसंबर तक आयोजित होगा। जमीनी स्तर पर फाइलेरिया उन्मूलन की प्रमुख चुनौतियों में उन लोगों तक पहुंचना शामिल है, जो जागरूकता की कमी, दवा को लेकर आशंका या गलत धारणाओं के कारण अब तक दवा नहीं ले पाए हैं। कुछ लोगों को जानकारी नहीं होती कि फाइलेरिया लंबे समय में गंभीर शारीरिक परेशानी और दिव्यांगता का कारण बन सकता है। वहीं, कुछ लोग स्वस्थ महसूस करने के कारण दवा सेवन को जरूरी नहीं समझते।

ऐसे में आशा कार्यकर्ताओं और अन्य अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका अहम हो जाती है। घर-घर संपर्क के दौरान परिवारों से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्होंने पहले फाइलेरिया रोधी दवा ली है या नहीं। इससे उन पात्र लोगों की पहचान करने में मदद मिल रही है, जो पिछले अभियानों में छूटते रहे हैं।

संवाद से दूर हो रहीं भ्रांतियां

फाइलेरिया के खिलाफ इस अभियान में दवा देने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है। रोगी हितधारक मंच (पीएसपी) के सदस्य नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से परिवारों को बीमारी के खतरे, बचाव और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार दवा सेवन के महत्व के बारे में समझा रहे हैं। इससे ‘नेवर टेकन’ श्रेणी के लोगों और दवा लेने से इनकार करने वालों को अपनी आशंकाओं पर खुलकर चर्चा करने का अवसर मिल रहा है।

कानपुर के बिधनू ब्लॉक के छह गांवों में बीते सप्ताह हुए नुक्कड़ नाटकों के बाद कई ऐसे लोग सामने आए, जिन्होंने आगामी एमडीए अभियान में दवा लेने की सहमति जताई। रामईपुर गांव की रामश्री ने बताया कि नुक्कड़ नाटक देखने के बाद उन्हें दवा का महत्व समझ आया। अब वह स्वयं दवा लेने, अपने परिवार को जागरूक करने और पड़ोसियों को भी प्रेरित करने का प्रयास करेंगी।

मगरासा की शांति ने बताया कि पहले दवा लेने के बाद जी मिचलाने और चक्कर आने के कारण उन्होंने दोबारा दवा न लेने का मन बना लिया था। हालांकि, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद उनकी आशंकाएं दूर हुईं और अब वह आगामी अभियान में दवा लेने के लिए तैयार हैं।

सीतापुर के परसेंडी ब्लॉक के उमरिया गांव के हरिनाम सिंह पहले सोचते थे कि बीमारी नहीं होने पर दवा लेने की जरूरत क्यों है। नुक्कड़ नाटक देखने के बाद उन्हें बीमारी से बचाव के लिए अभियान के महत्व की जानकारी मिली। परसेंडी पुरवा के हाजी कमरुद्दीन ने भी बताया कि पहले बीमारी का अनुभव न होने के कारण उन्होंने दवा नहीं ली थी, लेकिन अब वह आगामी अभियान में भाग लेने के लिए तैयार हैं।

‘नेवर टेकन’ लोगों की पहचान और पात्रता के अनुसार दवा सेवन जरूरी

राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. ए.के. चौधरी के अनुसार, एमडीए अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सभी 16 जिलों में दवा पहुंचा दी गई है। अंतरविभागीय समन्वय के लिए माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षा विभाग तथा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। इसी सप्ताह पंचायतीराज विभाग के साथ भी प्रशिक्षण प्रस्तावित है। गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य टीम ने सभी 16 जिलों के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।

उन्होंने बताया कि इस बार प्रत्येक प्लानिंग यूनिट में 90 प्रतिशत से अधिक पात्र लोगों को स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में दवा सेवन कराने का लक्ष्य है। इसके लिए ‘नेवर टेकन’ और दवा लेने से इनकार करने वाले लोगों की पहचान, निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्रता की जांच, छूटे हुए लोगों का फॉलोअप और सामुदायिक भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इन जिलों में होगा एमडीए अभियान

एमडीए अभियान कानपुर नगर, उन्नाव, कानपुर देहात, चित्रकूट, सीतापुर, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, प्रयागराज, गोंडा, हरदोई, कन्नौज, बलिया, फर्रुखाबाद, फतेहपुर और कौशांबी की 53 प्लानिंग यूनिट में आयोजित होगा। सबसे अधिक 11 प्लानिंग यूनिट फतेहपुर में हैं। इसके बाद सीतापुर में 10 और कानपुर देहात में सात प्लानिंग यूनिट हैं।

नोट: फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन अभियान के आधिकारिक दिशा-निर्देशों और पात्रता मानदंडों के अनुसार ही किया जाना चाहिए।

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