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10 अक्टूबर से एमजीएम और सदर अस्पताल में डिजिटल ओपीडी, घर बैठे मिलेगा टोकन

By SUSHIL KUMAR RAMRAIKA • 2026-09-26 11:20 • 2 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
10 अक्टूबर से एमजीएम और सदर अस्पताल में डिजिटल ओपीडी, घर बैठे मिलेगा टोकन

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के एमजीएम अस्पताल और सदर अस्पताल में मरीजों के लिए ओपीडी की व्यवस्था अब डिजिटल होने जा रही है। 10 अक्टूबर से दोनों अस्पतालों में डिजिटल ओपीडी रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है। इससे मरीजों को ओपीडी में पंजीकरण के लिए घंटों लंबी कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नई व्यवस्था का ट्रायल 2 अक्टूबर से शुरू किया जाएगा।

वर्तमान में एमजीएम अस्पताल में औसतन करीब 1200 और सदर अस्पताल में लगभग 600 मरीज प्रतिदिन ओपीडी में परामर्श लेने पहुंचते हैं। डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद रोजाना करीब 1800 मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

नई व्यवस्था के तहत मरीज घर बैठे अपने स्मार्टफोन से ओपीडी का टोकन प्राप्त कर सकेंगे। मोबाइल पर ही मरीज को संबंधित डॉक्टर का नाम, ओपीडी कक्ष संख्या, टोकन नंबर और परामर्श का निर्धारित समय उपलब्ध कराया जाएगा। अस्पताल पहुंचने के बाद ओपीडी के बाहर लगी डिजिटल स्क्रीन पर टोकन नंबर प्रदर्शित होगा। अपनी बारी आने पर मरीज सीधे संबंधित डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे।

ई-प्रिस्क्रिप्शन से दवा वितरण भी होगा आसान

डिजिटल ओपीडी व्यवस्था में डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं का ई-प्रिस्क्रिप्शन भी सिस्टम में दर्ज होगा। डॉक्टर से परामर्श के बाद मरीज को फार्मेसी काउंटर पर अलग से कागजी पर्ची दिखाने की जरूरत नहीं होगी। मरीज द्वारा अपना टोकन नंबर बताने पर फार्मेसी के कंप्यूटर सिस्टम में ई-प्रिस्क्रिप्शन दिखाई देगा और उसके आधार पर दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ बलराम झा ने बताया कि 10 अक्टूबर से डिजिटल ओपीडी रजिस्ट्रेशन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसका उद्देश्य मरीजों को रजिस्ट्रेशन की लंबी कतारों से राहत देना, ओपीडी प्रक्रिया को व्यवस्थित करना और जांच से लेकर दवा वितरण तक की व्यवस्था को डिजिटल रूप से एकीकृत करना है। इससे मरीजों का समय बचेगा और अस्पताल परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।

ऐसे मिलेगा ओपीडी का डिजिटल टोकन

पहला: मोबाइल में आभा ऐप डाउनलोड कर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।

दूसरा: ऐप में क्विक ओपीडी रजिस्ट्रेशन विकल्प चुनें।

तीसरा: अस्पताल में उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन करें और संबंधित अस्पताल तथा ओपीडी विभाग का चयन करें।

चौथा: संबंधित अस्पताल व ओपीडी विभाग का चयन कर जनरेट टोकन विकल्प पर क्लिक करें मोबाइल पर टोकन प्राप्त करें।

पांचवां: निर्धारित समय पर अस्पताल पहुंचें और ओपीडी के बाहर लगी डिजिटल स्क्रीन पर अपना टोकन नंबर देखें। टोकन नंबर आने पर संबंधित डॉक्टर से परामर्श लें।

नई डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से मरीजों को रजिस्ट्रेशन, डॉक्टर के पास पहुंचने और दवा लेने की प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलने की उम्मीद है।

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