भारी वाहनों से हादसे रोकने को प्रशासन सख्त, फिर लागू हो सकता है दिन में नो-एंट्री फार्मूला
जमशेदपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर तीन चरणों की कार्ययोजना, सात स्थानों पर लगेंगे स्पीड कैमरे
जमशेदपुर: शहर में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए जिला प्रशासन ने तीन चरणों में सड़क सुरक्षा कार्ययोजना तैयार की है। उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में हुई समीक्षा बैठक में प्रशासन, पुलिस, टाटा स्टील और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और यातायात प्रबंधन से जुड़े उपायों पर चर्चा की।
बैठक में बताया गया कि अगस्त में जिले में 34 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 22 लोगों की मौत और 26 लोग घायल हुए। अधिकारियों के अनुसार, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना, गलत दिशा में वाहन चलाना तथा यातायात नियमों का उल्लंघन दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल रहे। सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर अब तक 121 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 5,96,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
सात स्थानों पर स्पीड गन कैमरे
सड़क सुरक्षा उपायों के तहत सात चिन्हित स्थानों पर अगले दो महीनों में स्पीड गन कैमरे लगाने की योजना है। इन कैमरों का उद्देश्य निर्धारित गति सीमा के उल्लंघन की निगरानी और यातायात नियमों के अनुपालन को बेहतर बनाना है।
इसके अलावा प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था को बेहतर करने, जरूरी साइनेज लगाने, सड़क प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा उपाय लागू करने पर जोर दिया गया है।
दुर्गा पूजा से पहले ट्रैफिक सुधार पर जोर
दुर्गा पूजा के दौरान शहर में बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए प्रशासन ने अल्पकालिक उपायों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। प्रमुख चौराहों पर ‘लेफ्ट फ्री’ व्यवस्था लागू करने, आवश्यक स्थानों पर डिवाइडर और स्लाइडर लगाने तथा यातायात संचालन को व्यवस्थित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार, इन उपायों का उद्देश्य चौराहों पर वाहनों के अनावश्यक जमाव को कम करना और यातायात प्रवाह को बेहतर बनाना है।
तीन चरणों में होगा काम
सड़क सुरक्षा कार्ययोजना को शॉर्ट, मिड और लॉन्ग टर्म प्लान में बांटा गया है। अल्पकालिक स्तर पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों पर तत्काल सुधार किए जाएंगे। मध्यम अवधि में अगले करीब 90 दिनों के दौरान आवश्यक संरचनात्मक और ट्रैफिक-मैनेजमेंट उपाय चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे।
दीर्घकालिक योजना के तहत टाटा स्टील की तकनीकी विशेषज्ञ टीम पूरे जमशेदपुर शहरी क्षेत्र का विस्तृत सर्वे करेगी। इसमें प्रमुख मार्गों, चौराहों, यातायात दबाव वाले क्षेत्रों और सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। सर्वे के आधार पर तैयार रिपोर्ट को जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित पक्षों के साथ साझा कर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी।
जागरूकता और निगरानी पर भी जोर
बैठक में सड़क सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाने, दुर्घटना संभावित स्थानों की निगरानी बढ़ाने और यातायात प्रबंधन को बेहतर करने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन का लक्ष्य सड़क सुरक्षा से जुड़े उपायों को इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, प्रवर्तन और जन-जागरूकता के साथ आगे बढ़ाना है।
प्रशासन और संबंधित विभाग अब तय समयसीमा के अनुसार इन उपायों को लागू करने की दिशा में काम करेंगे।