HEALTH

फार्मेसी सेक्टर में स्पष्ट नियमावली की जरूरत, चंद लोगों के दबदबे से व्यवस्था प्रभावित : सरयू राय

By SUSHIL KUMAR RAMRAIKA • 2026-09-26 11:24 • 2 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
फार्मेसी सेक्टर में स्पष्ट नियमावली की जरूरत, चंद लोगों के दबदबे से व्यवस्था प्रभावित : सरयू राय

जमशेदपुर। झारखंड के फार्मेसी सेक्टर की मौजूदा व्यवस्था को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सरकार से स्पष्ट नियमावली बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य में फार्मेसी को लेकर स्पष्ट नियम नहीं होने के कारण पूरा सेक्टर अव्यवस्थित हो गया है। सरकार को इंडियन फार्मेसी एक्ट, 1948 को आधार बनाकर राज्य की स्पष्ट नियमावली तैयार करनी चाहिए और उसी के अनुरूप पूरे प्रदेश में फार्मेसी सेक्टर का संचालन सुनिश्चित करना चाहिए।

रांची कॉलेज ऑफ फार्मेसी की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सरयू राय ने कहा कि जिस व्यवस्था में नियम स्पष्ट नहीं होते, वहां लोग कानून की खामियों का फायदा उठाने लगते हैं। उन्होंने कहा कि फार्मेसी सेक्टर जिन योग्य और उद्यमी लोगों के लिए बनाया गया है, उन्हें अब तक अपेक्षित अवसर नहीं मिल पाया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि फार्मेसी सेक्टर में कुछ बड़े लोग फार्मासिस्टों को अपने हिसाब से संचालित करते हैं। स्थिति यह है कि कई बार स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव के स्तर पर भी निर्णय लेने में कठिनाई सामने आती है। ऐसे में फार्मेसी सेक्टर को व्यवस्थित, पारदर्शी और जनोपयोगी बनाने की जरूरत है।

सस्ती दवाओं को बढ़ावा देने की जरूरत

सरयू राय ने कहा कि आज बीमारियां बढ़ रही हैं और ऐसे समय में आम लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। सरकार चिकित्सकों से सस्ती दवाएं लिखने की अपील करती है, लेकिन कई मामलों में मरीजों को महंगी दवाएं लिखी जाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी दवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जिन्हें आम आदमी आसानी से खरीद सके। इससे मरीजों को राहत मिलने के साथ फार्मा सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी।

फार्मेसी काउंसिल में योग्यता को मिले प्राथमिकता

विधायक ने फार्मेसी काउंसिल में योग्य लोगों की नियुक्ति पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि काउंसिल में रजिस्ट्रार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर योग्य लोगों के बजाय पसंदीदा लोगों की नियुक्ति होगी, तो इससे पूरे सेक्टर के हित प्रभावित होंगे। चयन प्रक्रिया में योग्यता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

फार्मेसी कॉलेजों की बढ़ती संख्या पर उठाए सवाल

सरयू राय ने झारखंड में तेजी से बढ़ रहे फार्मेसी कॉलेजों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में कई संस्थान ऐसे हैं, जो कॉलेज संचालन की आवश्यक अहर्ताएं पूरी नहीं करते, फिर भी संचालित हो रहे हैं। ऐसे संस्थानों से शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर भी सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि फार्मेसी शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता होने पर सिर्फ संबंधित कॉलेज की छवि प्रभावित नहीं होती, बल्कि पूरे फार्मेसी सेक्टर की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है। जरूरत है कि योग्य संस्थानों और प्रतिभाशाली लोगों को आगे आने का अवसर मिले।

सरयू राय ने कहा कि फार्मेसी सेक्टर को बेहतर बनाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था, योग्य लोगों की जिम्मेदारी और स्पष्ट नियमावली जरूरी है। साथ ही राज्य फार्मेसी काउंसिल और फार्मेसी शिक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में रांची कॉलेज ऑफ फार्मेसी के निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह, झारखंड हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता राजीव कुमार, झारखंड के पूर्व गृह सचिव एन.एन. पांडेय समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

SUSHIL KUMAR RAMRAIKA 0 followers