*जिसने दर्द को सेवा में बदला वह जननायक* केशव प्रसाद मौर्य *(आनन्द कुमार द्विवेदी/कौशाम्बी ब्यूरो)*
केशव प्रसाद मौर्य का राजनीतिक सफर और वर्तमान भूमिका
(आनन्द कुमार द्विवेदी/कौशाम्बी ब्यूरो)
नारा, कौशाम्बी: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का राजनीतिक सफर कौशाम्बी के सिराथू क्षेत्र से शुरू होकर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचा है। उनके सार्वजनिक जीवन में संगठनात्मक जिम्मेदारियों, चुनावी राजनीति और सरकार में मंत्री पद की प्रमुख भूमिकाएं रही हैं।
संघर्षपूर्ण शुरुआती जीवन
केशव प्रसाद मौर्य का जन्म 7 मई 1969 को कौशाम्बी जिले में हुआ। उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड और पूर्व प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, उनका परिवार साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से था। शुरुआती जीवन में उन्होंने चाय बेचने और अखबार बांटने जैसे काम भी किए। बाद में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े तथा सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे।
चुनावी राजनीति में प्रवेश
केशव प्रसाद मौर्य ने 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सिराथू विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर पहली बार विधायक का चुनाव जीता। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फूलपुर संसदीय सीट से जीत हासिल की और संसद पहुंचे।
अप्रैल 2016 में उन्हें उत्तर प्रदेश भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। उनके कार्यकाल के दौरान भाजपा ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की। चुनाव के बाद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी सरकार में केशव प्रसाद मौर्य को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार में भूमिका
2022 के विधानसभा चुनाव के बाद गठित सरकार में भी केशव प्रसाद मौर्य को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिली। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वे वर्तमान में विधान परिषद के नेता सदन हैं। उनके पास ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम्य विकास, ग्रामीण अभियंत्रण, खाद्य प्रसंस्करण, मनोरंजन कर, सार्वजनिक उद्यम और राष्ट्रीय एकीकरण से जुड़े विभाग हैं।
बिहार चुनाव में संगठनात्मक जिम्मेदारी
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने केशव प्रसाद मौर्य को पार्टी का सह-प्रभारी नियुक्त किया था। बाद में उन्हें बिहार में भाजपा विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी भी दी गई। इन जिम्मेदारियों को उनके संगठनात्मक अनुभव से जोड़कर देखा गया, हालांकि किसी चुनावी परिणाम में किसी एक नेता की भूमिका को निर्णायक बताने के लिए स्वतंत्र और ठोस प्रमाण आवश्यक होते हैं।
राजनीतिक सफर का वर्तमान चरण
केशव प्रसाद मौर्य का राजनीतिक जीवन संगठनात्मक जिम्मेदारियों, विधानसभा और लोकसभा चुनावों तथा उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री पद की विभिन्न भूमिकाओं से जुड़ा रहा है। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और विधान परिषद के नेता सदन के रूप में कार्यरत हैं। उनका राजनीतिक सफर कौशाम्बी के सिराथू से शुरू होकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख संगठनात्मक और सरकारी भूमिका तक पहुंचने की प्रक्रिया को दर्शाता है।