LPU Protest Turns Violent: Students Clash With Police, Vehicles Set Ablaze in Phagwara
बिल्कुल। मैंने अभी की उपलब्ध रिपोर्टों को cross-check करके इसे professional, journalist-style और neutral language में तैयार किया है। खास बात यह है कि कथित यौन अपराध को पुष्ट तथ्य की तरह नहीं, बल्कि जांचाधीन/असत्यापित दावे के रूप में लिखा गया है।
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LPU में छात्र प्रदर्शन के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी; कक्षाएं 10 दिनों के लिए स्थगित
फगवाड़ा: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान रविवार को स्थिति हिंसक हो गई। यह विरोध प्रदर्शन सोशल मीडिया और कैंपस में फैल रही एक छात्रा से कथित यौन उत्पीड़न और आत्महत्या से जुड़ी असत्यापित सूचनाओं के बाद शुरू हुआ था। विश्वविद्यालय ने इन दावों को खारिज करते हुए इन्हें अफवाह और निराधार बताया है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र हुए। स्थिति बिगड़ने के बाद परिसर में तोड़फोड़ की गई और कुछ स्थानों पर आगजनी की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा मार्ग को भी बाधित किया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। बाद में पुलिस और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच झड़प की स्थिति बनी। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव और अन्य वस्तुएं फेंके जाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। कई पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचने और कुछ वाहनों में आग लगाए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
मामले को लेकर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने और जांच के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किए जाने की जानकारी दी है। पंजाब राज्य महिला आयोग ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से FIR, SIT और जांच की वर्तमान स्थिति से संबंधित रिपोर्ट मांगी है।
वहीं, LPU प्रशासन ने कथित घटना से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को खारिज किया है और छात्रों से अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। विश्वविद्यालय ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। साथ ही मिड-टर्म परीक्षाओं को अगली सूचना तक स्थगित किया गया है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। कथित यौन अपराध से जुड़े दावों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट जानकारी और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को साझा न करने की अपील की है।