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'बाबू' : वो एक शब्द जिसने पुलिस को स्कूल प्रिंसिपल की हत्या के अभियुक्तों तक पहुंचाया

By SANJAY PANDEY • 2026-08-24 10:28 • 3 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
'बाबू' : वो एक शब्द जिसने पुलिस को स्कूल प्रिंसिपल की हत्या के अभियुक्तों तक पहुंचाया

नालगोंडा में स्कूल प्रिंसिपल की हत्या: ‘बाबू’ शब्द से पुलिस आरोपियों तक पहुंची

(चेतावनी: इस रिपोर्ट में कुछ विवरण विचलित करने वाले हो सकते हैं)

तेलंगाना के नालगोंडा जिले के कोंडा मल्लेपल्ली में स्कूल प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की हत्या के मामले में पुलिस ने दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान एक छोटे से शब्द ‘बाबू’ ने संदिग्धों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।

नालगोंडा के एसपी शरत चंद्र पवार के मुताबिक, दोनों छात्रों पर नशे की लत होने और पैसों के लिए प्रिंसिपल के घर में चोरी की कोशिश करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि चोरी के दौरान रूपा रेड्डी ने दोनों को पहचान लिया, जिसके बाद कथित तौर पर उन पर हमला किया गया। मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है।

कल्लू रूपा रेड्डी अपने पति राजेंद्र रेड्डी के साथ नालगोंडा जिले के कोंडा मल्लेपल्ली की जेबी कॉलोनी में रहती थीं। वह अपनी सहयोगी रानी रेड्डी के साथ ‘नागार्जुन ग्रामर कॉन्सेप्ट’ स्कूल चलाती थीं और स्कूल की प्रिंसिपल थीं।

पुलिस के मुताबिक, 11 अगस्त की शाम स्कूल से घर लौटने के बाद रूपा रेड्डी की हत्या कर दी गई। घटनास्थल से पुलिस को उनके शरीर पर चाकू से किए गए कई घाव मिले। 12 अगस्त को कोंडामल्लेपल्ली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।

सीसीटीवी और कई सुरागों से जांच आगे बढ़ी

हत्या के समय रूपा रेड्डी घर में अकेली थीं, जबकि उनके पति राजेंद्र रेड्डी काम के सिलसिले में हैदराबाद गए हुए थे। शुरुआती जांच में पुलिस को पर्याप्त सबूत नहीं मिले थे। सीसीटीवी फुटेज में लाल रंग की कमीज या हुडी पहने एक युवक इलाके में संदिग्ध रूप से घूमता दिखाई दिया।

पुलिस ने पांच विशेष टीमें गठित कर जांच शुरू की। एसपी शरत चंद्र पवार के अनुसार, करीब 80 संदिग्धों से पूछताछ की गई और 70 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई। संपत्ति विवाद, पारिवारिक विवाद और अंतरराज्यीय गिरोहों से जुड़े संभावित पहलुओं समेत कई एंगल से जांच की गई।

‘बाबू’ शब्द बना अहम सुराग

पुलिस के अनुसार, हत्या से कुछ समय पहले रूपा रेड्डी अपनी छोटी बहन से फोन पर बात कर रही थीं। उनकी बहन ने पुलिस को बताया कि रूपा ने अचानक अपने सामने किसी को देखकर ‘बाबू’ कहा। इसके तुरंत बाद फोन बंद हो गया।

पुलिस ने इस शब्द को इस संभावना से जोड़ा कि रूपा रेड्डी सामने मौजूद व्यक्ति को पहचानती थीं। परिवार ने पुलिस को बताया कि वह आमतौर पर स्कूल के छात्रों को ‘बाबू’ कहकर बुलाती थीं। इसके बाद जांच का दायरा स्कूल से जुड़े छात्रों तक भी बढ़ाया गया।

छात्रों से पूछताछ के बाद जांच में नया मोड़

रूपा रेड्डी की मृत्यु के बाद विद्यालय में चार दिन की छुट्टी घोषित की गई थी। एसपी के अनुसार, स्कूल खुलने के बाद 13 छात्र अनुपस्थित मिले। इनमें से दसवीं कक्षा के पांच छात्रों से पूछताछ की गई।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान दो छात्रों के बारे में जानकारी सामने आई कि उन्होंने रूपा रेड्डी की मौत के बाद कथित तौर पर काफी पैसे खर्च किए और पार्टियां कीं। पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में छात्रों ने पैसे अपने माता-पिता से मिलने की बात कही, लेकिन बाद में उन्होंने अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की।

पुलिस के मुताबिक, एक छात्र के पास से 15 लाख रुपये नकद और एक आईफोन बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि छात्र ने आईफोन 60,000 रुपये में खरीदा था। चूंकि दोनों आरोपी नाबालिग हैं, पुलिस ने उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है।

बरामद नोटों की भी जांच

एसपी शरत चंद्र पवार के अनुसार, गिरफ्तार छात्रों में से एक के पास से बरामद तीन नोटों पर खून के धब्बे मिले थे। पुलिस ने इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा, जहां कथित तौर पर इंसानी खून के निशान की पुष्टि हुई। इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।

चोरी की कथित योजना और रेकी

पुलिस के अनुसार, हत्या से करीब 15 से 20 दिन पहले हुई एक घटना भी मामले की पृष्ठभूमि का हिस्सा हो सकती है। एसपी के मुताबिक, आरोपियों में से एक छात्र स्कूल के हॉस्टल में रहता था। उसके बैग से मोबाइल फोन और पैसे मिलने के बाद उसे हॉस्टल से निकालकर डे-स्कॉलर बना दिया गया था।

पुलिस का दावा है कि छात्र इससे नाराज था और अपनी जरूरतों के लिए पैसे जुटाना चाहता था। इसी दौरान उसने दूसरे छात्र के साथ मिलकर प्रिंसिपल के घर में चोरी की कथित योजना बनाई।

पुलिस के अनुसार, दोनों छात्रों ने हत्या से पहले करीब चार से पांच दिन तक इलाके की रेकी की थी। पुलिस का कहना है कि उन्हें जानकारी थी कि स्कूल की फीस 11 अगस्त तक जमा की जानी थी। इसके बाद कथित तौर पर चाकू, दस्ताने और मास्क खरीदे गए।

पुलिस के मुताबिक, दोनों छात्र शाम के समय रूपा रेड्डी के घर पहुंचे। एक छात्र बाहर इंतजार करता रहा, जबकि दूसरा कथित तौर पर पीछे के दरवाजे से घर में दाखिल हुआ। पुलिस का आरोप है कि रूपा रेड्डी ने उसे पैसे निकालते हुए देख लिया और शोर मचाया, जिसके बाद उन पर चाकू से हमला किया गया।

पुलिस के अनुसार जल्दी पैसे कमाने की कोशिश

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान दोनों छात्रों के कथित तौर पर जल्दी पैसे कमाने के तरीकों से जुड़े YouTube searches की जानकारी भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, यही आर्थिक लालच कथित अपराध की पृष्ठभूमि में एक महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है।

महत्वपूर्ण: इस रिपोर्ट में हत्या और चोरी से जुड़े आरोप पुलिस द्वारा बताए गए जांच के निष्कर्षों पर आधारित हैं। आरोपी नाबालिग हैं और मामले की जांच जारी है। अंतिम दोष या निर्दोषता का निर्धारण सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होगा।

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