नयन, बारिश कविताए :
मेरी लिखी हुई कविताए :
*नयन*
तेरे नयन का काजल चुरा लूँ,
उसी में अपना नाम लिख जाऊँ।
जब भी पलकें झपकती हैं तेरी,
दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है।
तेरी आँखों में डूबने की इजाज़त दे दो,
इस समंदर में खुद को बहा दूँ।
एक नजर प्यार से देख लो बस,
सातों जन्म का प्यार निभा दूँ।
तेरे नयन बातें करते हैं मुझसे,
बिना बोले ही इज़हार कर जाते हैं।
हुस्न की ये शराबी आँखें,
मुझे हर रात महका जाती हैं।
----- धीमन कुमार शाह
*बारिश*
बारिश की बूँदें जब छत पर थिरकती हैं,
मुझे तुम्हारी हँसी की याद दिलाती हैं।
हवा में भीगी-भीगी सी खुशबू घुल जाती है,
जैसे तुम पास से गुजर कर इतराती हो।
भीग जाऊँ तेरे साथ इस बारिश में,
हाथ तेरा हो और हाथ में हाथ हो।
कहने को तो पानी है ये आसमान का,
पर लगता है जैसे इश्क बरस रहा हो।
इस बारिश में बस इतनी सी ख्वाहिश है,
तुम मेरे सामने हो, और चाय तुम्हारे हाथ में हो।
बाहर बारिश, अंदर तुम, और थोड़ा सा सुकून,
बस इतना मिल जाए तो जिंदगी पूरी हो।
--- धीमन कुमार शाह