रतनपुर महामाया मंदिर मास्टर प्लान: धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में होगा विकास
रतनपुर महामाया मंदिर मास्टर प्लान: धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में होगा विकास
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
छत्तीसगढ़ के प्रमुख रतनपुर के सिद्ध शक्तिपीठ मां महामाया मंदिर को अब सिर्फ दर्शन की जगह नहीं, बल्कि एक भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक परिसर के रूप में विकसित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रसाद योजना के तहत तैयार इस मास्टर प्लान का उद्देश्य श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहरों से रूबरू कराना और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है।
मास्टर प्लान की मुख्य विशेषताएँ
अनुमानित लागत: ₹149.26 करोड़
क्षेत्रफल: 36 एकड़ से अधिक भूमि पर चरणबद्ध विकास
प्रमुख आकर्षण:
80 फीट चौड़ा एप्रोच कॉरिडोर
त्रिशक्ति द्वार और नवदुर्गा अमृत सरोवर
लेजर लाइट एंड साउंड शो
216 कमरों का स्टेट कॉम्प्लेक्स
ज्ञान मंडपम और कलचुरी इतिहास का संग्रहालय
धार्मिक गरिमा और आधुनिक सुविधाओं का समन्वय
प्रस्तावित विकास कार्य में मंदिर की धार्मिक गरिमा और कलचुरीकालीन विरासत को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। इसके साथ ही ठहरने, भीड़ प्रबंधन और पर्यटन सुविधाओं को एकीकृत करने का खास खाका तैयार किया गया है।
तय योजना के अनुसार, इस 36 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 7.57 एकड़ पुरातत्व क्षेत्र, 9.8 एकड़ खुला क्षेत्र, 2.3 एकड़ उद्यान क्षेत्र और मूल मंदिर परिसर शामिल हैं। इसके अलावा एप्रोच मार्ग, पार्किंग और अन्य सुविधाओं के लिए भी भूमि चिन्हित की गई है। बिलासपुर-मरवाही बायपास की 12 मीटर चौड़ी सड़क से मंदिर तक पहुँचने के लिए 6 मीटर चौड़ी साइट एक्सप्रेस रोड भी प्रस्तावित है, जिससे श्रद्धालुओं का आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा।