उठाईगिरो चोरों से 17 लाख के जेवर मिले, 10.85 लाख के गहनों का कोई दावेदार नहीं
चोरों से 17 लाख के जेवर मिले, 10.85 लाख के गहनों का कोई दावेदार नहीं।
जामताड़ा के गिरोह ने चलती ट्रेनों में महिलाओं के हैंडबैग से उड़ाए थे।
बिलासपुर छत्तीसगढ़
चलती ट्रेनों में चोरी करने वाले गिरोह से सोने के जेवर तो बरामद हो गए हैं, लेकिन 10.85 लाख रुपए के गहनों का मालिक कौन है, इसका जवाब चार महीने बाद भी नहीं मिल पाया है।
बिलासपुर जीआरपी ने 28 मई को जामताड़ा के छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 17.08 लाख रुपए के सोने के जेवर और 15 हजार रुपए नकद बरामद किए थे।
इनमें से 6.22 लाख रुपए के जेवर एक दर्जन मामलों से जुड़े मिले, लेकिन बाकी गहनों का कोई दावेदार सामने नहीं आया है। जीआरपी ने दूसरे थानों से भी जानकारी जुटाई, पर ऐसी कोई एफआईआर नहीं मिली।
गिरोह का तरीका और पुलिस की कार्रवाई:
यह गिरोह बिलासपुर से रायगढ़ के बीच चलने वाली ट्रेनों में सफर करने वाली महिलाओं को अपना निशाना बनाता था।
बिलासपुर रेलवे पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरामद गहने किस यात्री के हैं, किस ट्रेन में चोरी हुए और किस तारीख की घटना से जुड़े हैं, इसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
बरामद गहनों की जानकारी दूसरे थानों को भी भेजी गई है ताकि दर्ज चोरी के मामलों से उनका मिलान किया जा सके, लेकिन अब तक कोई ऐसा प्रकरण सामने नहीं आया जिससे वास्तविक मालिक की पुष्टि हो सके।
मालिक नहीं मिला तो कोर्ट तय करेगा: बीएनएसएस की धारा 106 के तहत पुलिस जब्त माल की सूचना मजिस्ट्रेट को देती है।
धारा 497 के तहत कोर्ट माल को सुरक्षित रखने और उसके निस्तारण का आदेश दे सकता है।
धारा 503 में कुछ स्थितियों में जब्त माल की सुपुर्दगी का प्रावधान है। जीआरपी को जेवरों की जब्ती सूची और मूल्यांकन के दस्तावेज कोर्ट में पेश करने होंगे तथा मालिकाना हक का दावा करने वाले को प्रमाण देना होगा।