नक्सलियों की अघोषित राजधानी कुतुल के भीतर आदिनपार में दूसरा सुरक्षा-जनसुविधा कैंप
रिपोर्टर- कैलाश सोनी, नारायणपुर, 25 दिसंबर 2025 //अबूझमाड़ को शांत, सुरक्षित और नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। नारायणपुर पुलिस ने नक्सल विरोधी ‘माड़ बचाओ अभियान’ के तहत नक्सलियों की अघोषित राजधानी कुतुल के भीतर स्थित ग्राम आदिनपार में दूसरा नवीन सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप स्थापित कर दिया है। यह कैंप थाना कोहकामेटा क्षेत्रांतर्गत खोला गया है, जिसे अबूझमाड़ में विकास की अंतिम दहलीज तक पहुंचने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और केंद्रीय बलों की संयुक्त टीम ने इस दुर्गम व अति संवेदनशील क्षेत्र में कैंप स्थापित किया। कैंप खुलने से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और ग्रामीणों में विश्वास व उत्साह का माहौल बना है।
कैंप जिला मुख्यालय नारायणपुर से 56 किमी, थाना कोहकामेटा से 28 किमी, कच्चापाल से 19 किमी, कुतुल से 12 किमी तथा कोड़नार से 6 किमी दूरी पर स्थित है। इसके माध्यम से कोहकामेटा-कच्चापाल-कुतुल-कोड़
विकास को मिलेगी रफ्तार
आदिनपार में कैंप स्थापित होने से धुरबेड़ा, कोड़तामरका, फरसबेड़ा, गुमरका, एडसमेटा, रेकापाल सहित आसपास के गांवों में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल नेटवर्क और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। अब इन क्षेत्रों में सुरक्षा के बीच योजनाओं का सीधा लाभ आमजन तक पहुंच सकेगा।
नक्सल गढ़ों में मजबूत पकड़
वर्ष 2025 के दौरान नारायणपुर जिले में कुतुल सहित कई नक्सल आश्रय स्थलों में लगातार सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे नक्सल नेटवर्क कमजोर पड़ा है और प्रशासन की पकड़ अंदरूनी इलाकों तक मजबूत हुई है। आदिनपार में दूसरा कैंप खुलना इस अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
सुरक्षा बलों की इस पहल को अबूझमाड़ में शांति, विकास और भरोसे की बहाली की दिशा में निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
