अंबेडकरनगर जिले के तिवारीपुर गेहूं क्रय केंद्र पर किसानों ने खरीद प्रक्रिया को लेकर गंभीर शिकायतें उठाई हैं। किसानों का कहना है कि बोरी (बोरा) की कमी के कारण उन्हें कई बार बिना खरीद के वापस लौटना पड़ रहा है।
प्यारेपुर गांव के किसान पुनीत कुमार, सुनील वर्मा और रामदयाल वर्मा सहित कई किसानों का आरोप है कि वे ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बावजूद अपनी उपज बेचने में असमर्थ हैं। उनका कहना है कि केंद्र पर पहुंचने पर अक्सर “बोरी उपलब्ध नहीं है” कहकर उन्हें अगले दिन आने को कहा जाता है।
कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने में कठिनाई हो रही है, जिसके चलते वे मजबूरी में निजी खरीदारों को कम कीमत पर फसल बेच रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित विभाग के अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा किसानों के बीच चिंता का विषय बना हुआ है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाया जाए और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज उचित मूल्य पर बेचने में परेशानी न हो।