कुछ साल पहले तक जब लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बात करते थे, तो दिमाग में केवल चैटबॉट्स या कंप्यूटर कोडिंग की छवि आती थी। लेकिन आज का भारत इस सोच से काफी आगे बढ़ चुका है। देश में AI अब केवल एक प्रयोग नहीं, बल्कि आम जनता की जिंदगी और देश की अर्थव्यवस्था को बदलने वाला एक महत्वपूर्ण साधन बनता जा रहा है। आइए समझते हैं कि भारत में AI का भविष्य किस तरह एक नया अध्याय लिख रहा है।
1. AI मार्केट की तेज़ रफ्तार
भारतीय AI बाजार दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते टेक सेक्टर्स में शामिल है।
हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत का AI मार्केट लगभग 38.1% की सालाना कंपाउंड ग्रोथ (CAGR) के साथ आगे बढ़ रहा है। अनुमान है कि यह आने वाले वर्षों में $119 बिलियन तक पहुंच सकता है।
इसके अलावा, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के Global AI Vibrancy Index में भारत शीर्ष देशों में शामिल है, और देश में AI स्किल्स सीखने की दर वैश्विक औसत से अधिक मानी जाती है।
2. ‘Agentic AI’ का उभरता दौर
अब AI केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई कार्यों को स्वतः पूरा करने में सक्षम हो रहा है, जिसे Agentic AI कहा जाता है।
भारत में कई कंपनियां ऐसे AI सिस्टम विकसित कर रही हैं जो बैक-ऑफिस कार्य, जैसे इनवॉइस प्रोसेसिंग, सप्लायर मैनेजमेंट और डेटा एनालिसिस को स्वचालित रूप से संभाल सकते हैं।
3. जॉब मार्केट में बदलाव, खत्म नहीं नौकरियां
AI को लेकर अक्सर यह चिंता रहती है कि यह नौकरियां खत्म कर देगा, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।
AI स्किल सीखने वाले प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, AI के साथ अपस्किल करने वाले लोगों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।
इसके अलावा, अब केवल बड़े शहर ही नहीं बल्कि लखनऊ, जयपुर, इंदौर और पटना जैसे टियर-2 शहर भी तकनीकी हब के रूप में उभर रहे हैं।
4. भारतीय भाषाओं में AI और डिजिटल समावेशन
भारत की विविधता को ध्यान में रखते हुए देश में Sovereign AI और लोकल लैंग्वेज मॉडल्स पर काम हो रहा है।
सरकार की Bhashini पहल और स्टार्टअप्स जैसे Sarvam AI ऐसे मॉडल विकसित कर रहे हैं जो हिंदी, तमिल, बंगाली और अन्य भारतीय भाषाओं को समझकर डिजिटल सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
इसके साथ ही, NPCI जैसे संस्थान AI का उपयोग रियल-टाइम फ्रॉड डिटेक्शन और UPI ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग के लिए कर रहे हैं।
5. कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में AI का प्रभाव
कृषि क्षेत्र:
AI आधारित टूल्स किसानों को मौसम पूर्वानुमान, मिट्टी की गुणवत्ता और फसल रोगों की पहचान में मदद कर रहे हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र:
Qure.ai जैसे स्टार्टअप एक्स-रे और CT स्कैन का AI आधारित विश्लेषण करके शुरुआती बीमारियों की पहचान में सहायता कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेज़ और सटीक इलाज संभव हो रहा है।
मुख्य चुनौती
भारत के पास युवा जनसंख्या एक बड़ी ताकत है, लेकिन AI विकास के लिए आवश्यक high-performance GPUs और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकार का IndiaAI Mission इस दिशा में निवेश और विकास कर रहा है।
निष्कर्ष
भारत में AI का भविष्य केवल टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है। यह आम नागरिकों, छोटे शहरों और नए उद्यमियों के लिए अवसरों का एक बड़ा क्षेत्र बन रहा है। आने वाला समय उन लोगों का होगा जो AI को समझकर उसे अपनाएंगे और अपने काम में उपयोग करेंगे।