भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन: वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में कोटरा-सिरसौदा के पंचायत सचिव रीतेश यादव निलंबित रायसेन। जिले की जनपद पंचायत सांची
भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन: वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में कोटरा-सिरसौदा के पंचायत सचिव रीतेश यादव निलंबित
रायसेन। जिले की जनपद पंचायत सांची के अंतर्गत आने वाली दो ग्राम पंचायतों में शासकीय राशि के गबन और घोर वित्तीय लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। दैनिक नईदुनिया रायसेन के ब्यूरोचीफ श्री थानसिंह मालवीय द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को कलेक्टर से की गई शिकायत के बाद, जिला स्तर पर गठित जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला पंचायत रायसेन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने कोटरा के पंचायत सचिव एवं सिरसौदा के तत्कालीन सचिव रीतेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जांच में खुले भ्रष्टाचार के पोल: बिना बिल-वाउचर के लाखों का भुगतान
जिला स्तर से गठित जांच दल ने 24 और 25 मार्च 2026 को क्रमशः ग्राम पंचायत कोटरा और सिरसौदा का बिंदुवार औचक निरीक्षण किया था। 26 मार्च को सौंपी गई इस जांच रिपोर्ट में 5वें और 15वें वित्त आयोग की राशि के खर्चों में कई गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और गड़बड़ियां पाई गईं:
गायब मिले रिकॉर्ड और लेजर बुक: दोनों ही पंचायतों में सचिव द्वारा वर्ष 2024-25 की खाता वही (लेजर बुक) संधारित नहीं की गई थी, जिससे मदवार खर्चों का कोई मिलान नहीं हो सका।
कागजों पर खरीदे कूलर: ग्राम पंचायत कोटरा में ₹15,000 की लागत से 2 कूलर खरीदने के देयक (बिल) का भुगतान किया गया, लेकिन मौके पर केवल 1 ही कूलर मिला। वहीं सिरसौदा पंचायत में तो स्थिति और खराब रही; वहां भी ₹15,000 में 2 कूलर का भुगतान किया गया, लेकिन सरपंच के अनुसार पंचायत में कोई कूलर आया ही नहीं और मौके से भी गायब मिला।
फर्जी वाउचर और कोरे कागज: सिरसौदा पंचायत की वाउचर नस्ती की जांच में पाया गया कि कई स्थानों पर बिलों की जगह कोरे कागज लगा दिए गए थे। इस तरह बिना किसी वैध बिल के ही कुल ₹2,45,550 की राशि का मनमाना भुगतान कैशबुक में दर्ज कर दिया गया।
नियम विरुद्ध विज्ञापन और मोबाइल चार्जिंग बिल: समाचार पत्रों में दिए गए विज्ञापनों के भुगतान (कोटरा में ₹3000 व ₹5000 और सिरसौदा में ₹10000) के न तो मूल बिल मिले और न ही प्रकाशित विज्ञापन की कोई प्रति उपलब्ध थी। इसके अलावा सिरसौदा पंचायत से एक मोबाइल शॉप से ₹35,280 के मोबाइल चार्ज के बिल लगाए गए थे, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध पाए गए।
निजी बोरवेल में सरकारी मोटर: कोटरा पंचायत में नियमों को ताक पर रखकर सरकारी राशि से मोटर खरीदी गई और उसे ग्राम आमा में एक निजी बोरवेल में डाल दिया गया।
साफ-सफाई के नाम पर ₹1.47 लाख की वसूली: सिरसौदा में नाली और अन्य सफाई कार्यों के नाम पर अत्यधिक राशि खर्च दिखाई गई। इन बिलों पर न तो सरपंच-सचिव के हस्ताक्षर थे और न ही प्राप्तकर्ता के, जिसके बाद ₹1,47,000 की इस राशि को ‘वसूली योग्य’ माना गया है।
नल-जल योजना में भी अंधेरगर्दी: दोनों पंचायतों में संचालित नल-जल योजना के आय-व्यय और वसूले जा रहे जलकर का कोई भी हिसाब-किताब पंचायत रिकॉर्ड में नहीं पाया गया।
गंभीर कदाचरण के तहत निलंबन की कार्रवाई
जांच में यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ है कि सचिव रीतेश यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए घोर लापरवाही बरती और सरकारी धन का मनमाने तरीके से दुरुपयोग किया। उनका यह कृत्य म.प्र. पंचायत सेवा (ग्राम पंचायत सचिव भर्ती और सेवा शर्तें) नियम 2011 के नियम 7 के तहत गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है।
इसी के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायसेन द्वारा सचिव रीतेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय जनपद पंचायत सांची नियत किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। जिला पंचायत ने सांची जनपद सीईओ को तीन दिनों के भीतर कोटरा पंचायत के लिए नए सचिव का प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी जारी किए हैं।