“कला और संस्कृति” के केंद्र के रूप में बदली जा रही है डीएवी सेक्टर-04 की “बाउंड्री वॉल”
– उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता और सांस्कृतिक ज्ञान बढ़ाना : व्यापक शिक्षा का उद्देश्य
डीएवी सेक्टर-04 की “बाउंड्री वॉल” को “कला और संस्कृति” के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है । स्कूल के आर्ट टीचर सुशील सिंह के कुशल निर्देशन में बच्चों को पारंपरिक पेंटिंग्स की शिक्षा दी जा रही है.
डीएवी सेक्टर-04 की “बाउंड्री वॉल” को मधुबनी पेंटिंग (बिहार), उत्तराखंड की संस्कृति (गढ़वाली, कुमाऊंनी), सोहराई और पर्यावरण (झारखंड) की कलाकृतियों से स्कूली बच्चों के द्वारा सजाया जा रहा है.
डीएवी सेक्टर-04 के प्राचार्य एसके मिश्रा का कहना है कि इस अनोखी पहल से बच्चों में रचनात्मकता और सांस्कृतिक ज्ञान बढ़ रहा है. बच्चे विविध राज्य की पेंटिंग्स से अवगत हो रहे हैं.
अभिभावक विद्यालय की इस पहल को बच्चों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की सराहना कर रहे हैं.
ज्ञातव्य हो कि प्राचार्य मिश्रा के पदभार ग्रहण करने के बाद विद्यालय में इस तरह के नवाचारों पर लगातार काम किया जा रहा है।