मेरठ। प्राथमिक विद्यालय समयपुर में निरीक्षण के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं के बाद प्रधानाध्यापिका पूनम रानी को निलंबित कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) आशा चौधरी ने निरीक्षण रिपोर्ट और प्राप्त स्पष्टीकरण के आधार पर यह कार्रवाई की है। विभागीय जांच पूरी होने तक उन्हें प्राथमिक विद्यालय कस्तला से संबद्ध किया गया है।
मेरठ के समयपुर प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रधानाध्यापिका पूनम रानी को निलंबित कर दिया गया। आरोप है कि वह कार में बैठकर ही उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करती थीं और विद्यालय में लंबे समय से लापरवाही बरत रही थीं।
मेरठ विकास क्षेत्र रजपुरा के प्राथमिक विद्यालय समयपुर में लगातार अनियमितताओं और लापरवाही के आरोपों के बाद प्रधानाध्यापिका पूनम रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बीएसए आशा चौधरी ने निरीक्षण रिपोर्ट और प्राप्त स्पष्टीकरण के आधार पर यह कार्रवाई की। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता मिलेगा जबकि जांच पूरी होने तक उन्हें प्राथमिक विद्यालय कस्तला से संबद्ध किया गया है।
बीएसए ने 16 अप्रैल को निरीक्षण किया था। इसमें 164 पंजीकृत छात्रों के सापेक्ष 114 छात्र उपस्थित मिले। सात शिक्षिकाओं में चार शिक्षिकाएं उपस्थित थीं जबकि प्रधानाध्यापिका पूनम रानी 14, 15 और 16 अप्रैल को बिना सूचना अनुपस्थित रहीं। सहायक अध्यापिका नेहा त्यागी उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के बावजूद विद्यालय में मौजूद नहीं थीं। विद्यालय के मुख्य गेट पर नाम और यू-डायस कोड प्रदर्शित नहीं था।
बच्चों से पूछने पर पता चला कि प्रधानाध्यापिका नियमित रूप से पढ़ाने नहीं आती थीं। शिक्षिकाओं ने भी बताया कि वह कभी-कभी विद्यालय पहुंचकर उपस्थिति पंजिका के खाली कॉलमों में हस्ताक्षर कर चली जाती थीं। इस दौरान विद्यालय के शौचालयों पर ताले लगे मिले और बायोटॉयलेट में सफाई का अभाव पाया गया। छत पर पौधे उगे मिले, जिससे भवन में जल रिसाव और लिंटर को नुकसान की आशंका जताई गई।
बीएसए ने रिपोर्ट में उल्लेख किया कि विद्यालय को हर वर्ष कंपोजिट ग्रांट, स्पोर्ट्स ग्रांट, ईको क्लब और टीएलएम मद में धनराशि उपलब्ध कराई जाती रही लेकिन इन मदों का उपयोग दिखाई नहीं दिया। अधिकांश शिक्षिकाओं का जवाब संतोषजनक रहा लेकिन प्रधानाध्यापिका का स्पष्टीकरण साक्ष्यहीन और अस्वीकार्य माना गया।
कार में बैठकर उपिस्थति पंजिका पर हस्ताक्षर के आरोप, बीईओ भी तलब
प्रधानाध्यापिका पूनम रानी पर पिछले तीन वर्षों में कभी-कभार ही स्कूल आने और कार में बैठकर उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के आरोपों के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) आशा चौधरी ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सुरेंद्र गौड़ से भी स्पष्टीकरण मांगा है।
इस प्रकरण में बीईओ ने अपना व्यक्तिगत स्पष्टीकरण और निरीक्षण का विवरण नहीं भेजा। चेतावनी दी गई है कि यदि संतोषजनक जवाब उपलब्ध नहीं कराया गया तो विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शिक्षा निदेशक (बेसिक) लखनऊ को भेज दी जाएगी।