डॉ. मोहन यादव कैबिनेट की बैठक में बहुप्रतीक्षित तबादला नीति-2026 को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।
क्या है नई नीति में?
नई नीति के तहत राज्य और जिला संवर्ग के कर्मचारियों-अधिकारियों के तबादले 1 जून से 15 जून तक किए जा सकते हैं। इस बार ट्रांसफर प्रक्रिया के लिए सीमित समय-सीमा तय की गई है। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद तबादलों पर रोक लग सकती है।
कैसे बनी नीति?
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने विभिन्न विभागों से सुझाव लेकर नीति का मसौदा तैयार किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री सचिवालय और कैबिनेट स्तर पर चर्चा के बाद नीति को मंजूरी दी गई।
पिछली नीति से क्या अलग?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस बार पारदर्शिता और डिजिटल प्रक्रिया पर अधिक जोर दिया गया है।
- समय-सीमा तय: सीमित अवधि में ही तबादला प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास।
- ऑनलाइन आवेदन: कई विभागों में पोर्टल के माध्यम से आवेदन लिए जा सकते हैं।
- 3 साल का कार्यकाल: एक स्थान पर तीन वर्ष पूरा करने वालों को प्राथमिकता मिलने की संभावना।
- प्रशासनिक आवश्यकता: स्वैच्छिक तबादलों के साथ प्रशासनिक जरूरतों को भी प्राथमिकता दी जा सकती है।
किन्हें मिल सकती है प्राथमिकता?
प्रारंभिक दिशा-निर्देशों के अनुसार गंभीर बीमारी, पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में होने, दिव्यांग कर्मचारियों और रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया जा सकता है। हालांकि विस्तृत गाइडलाइन जारी होना अभी बाकी है।
आगे क्या?
सामान्य प्रशासन विभाग जल्द ही तबादला नीति-2026 से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। इसके बाद विभागीय स्तर पर आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व और पुलिस विभाग में अधिक तबादले होने की संभावना जताई जा रही है।