नागरसू गुरुद्वारा प्रकरण: निहंगों के जाने के बाद भी उठ रहे सवाल, UKD नेता ने जांच की मांग की
देहरादून। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित नागरसू गुरुद्वारा में तीन दिनों तक चले गतिरोध के बाद निहंगों द्वारा गुरुद्वारा परिसर खाली किए जाने के बावजूद मामले को लेकर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ वार्ता के बाद निहंगों ने परिसर छोड़ दिया। इसके बाद उनके प्रस्थान और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सार्वजनिक चर्चा जारी है।
इस विषय पर उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के नेता सरदार सिंह पुंडीर ने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा पूरे घटनाक्रम के संबंध में स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
पुंडीर का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में प्रशासन की भूमिका और कार्रवाई की प्रक्रिया की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के बीच उठ रहे प्रश्नों का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाना आवश्यक है।
UKD नेता ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए। उनके अनुसार, इससे जनता का विश्वास मजबूत होगा और भविष्य में इस प्रकार की परिस्थितियों से निपटने में प्रशासन को स्पष्ट दिशा मिलेगी।
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएं तथा प्रदेश में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी पक्षों के साथ संवाद कायम रखा जाए।
नागरसू गुरुद्वारा प्रकरण को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मामले से जुड़े तथ्यों और प्रशासनिक कार्रवाई पर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।