अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस (26 जून) के अवसर पर चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान (17 जून से 26 जून) के तहत शुद्धि नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, बिलासपुर में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा नशे से प्रभावित व्यक्तियों को स्वस्थ और सकारात्मक जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में संजय अग्रवाल, रजनेश सिंह, टी. पी. भावे तथा Indian Red Cross Society के सदस्य उपस्थित रहे। अतिथियों ने केंद्र में उपचाररत व्यक्तियों से संवाद किया और उन्हें नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।
इस अवसर पर केंद्र के निदेशक राजीब तिवारी ने कहा कि नशे से प्रभावित लोगों को उचित उपचार, परामर्श और सामाजिक सहयोग की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति और पुनर्वास की प्रक्रिया में परिवार तथा समाज की सकारात्मक भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने समाज से नशे से प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन में सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम का समापन नशा मुक्त, स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।