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14 प्रतिशत परिवारों का आयुष्मान कार्ड नही ं बनाः धीमी प्रगति पर CMO ने 14 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों से मांगा

By ARUN KUMAR SINGH KUMAR SINGH • 2026-03-14 19:10 • 4 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
14 प्रतिशत परिवारों का आयुष्मान कार्ड नही ं बनाः धीमी प्रगति पर CMO ने 14 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों से मांगा
सोनभद्र मे आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनान े मे ं धीमी प्रगति पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. पंकज कुमार राय ने सख्त रुख अपनाया है। जिले के 14 प्रतिशत परिवारों का अभी तक आयुष्मान कार्ड नही ं बन पाया है, जिसके चलते 14 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सोनभद्र जिले में 15 जनवरी से 15 अप्रैल तक आयुष्मान कार्ड बनान े के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद, 30,637 परिवार और कुल 2,88,912 लाभार्थी अभी भी इस योजना के लाभ से वंचित हैं। सीएमओ ने बताया कि प्रत्येक ब्लॉक मे ं संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को निर्धारित लक्ष्य दिए गए थे, लेकिन कई ब्लॉकों में लक्ष्य के मुकाबले उपलब्ध ि काफी कम पाई गई है। इस धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए, डॉ. राय ने 14 सीएचओ को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंन े चेतावनी दी है कि यद ि प्रगति मे ं सुधार नही ं हुआ तो संबंधित के खिलाफ बर्खास्तगी सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि लक्ष्य के अनुरूप कार्य नही ं होने पर जवाबदेही तय की जाएगी। जिन सीएचओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है, उनम े ं बभनी ब्लॉक की प्रीति कुमारी और प्रतिभा; चतरा ब्लॉक की पूजा सिंह; चोपन ब्लॉक की शशिलता और संयुक्ता; दुद्धी ब्लॉक की बिनीता और सुषमा; म्योरपुर ब्लॉक की सावित्री और मोनिका मंडल; घोरावल ब्लॉक के संजय कुमार और अविनाश शर्मा; नगवां ब्लॉक के सतेंद्र कुमार; तथा राबर्ट्सगंज ब्लॉक की नीतू रानी शाक्य और सरिता देवी शामिल हैं। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० पंकज कुमार राय ने बताया कि " जिले में 15 जनवरी से 15 अप्रैल तक आयुष्मान कार्ड बनान े के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बावजूद कुछ सीएचओ की तरफ से इसमें लापरवी बरती जा रही है। कम आयुष्मान कार्ड बनान े पर 14 सीएचओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।" बता दे कि यह योजना आठ साल से अधिक समय पहले शुरू हुई थी। इस योजना के तहत गरीब परिवार 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं।