मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक नए कॉरिडोर पर मेट्रो का इंतजार बढ़ा
आगरा: 'तारीख पे तारीख... मनकामेश्वर से आईएसबीटी तक नए कॉरिडोर पर मेट्रो का इंतजार बढ़ा'; दशहरे के बाद संचालन शुरू करने की तैयारी
आगरा।
ताजनगरी में आगरा मेट्रो के विस्तारित कॉरिडोर पर सफर का इंतजार कर रहे शहरवासियों के लिए एक बार फिर निराश करने वाली खबर है। मनकामेश्वर मंदिर से आईएसबीटी तक के नए कॉरिडोर पर कमर्शियल मेट्रो सेवा शुरू होने की तारीख एक बार फिर टल गई है। पूर्व में 10 अक्तूबर को उद्घाटन की प्रस्तावित तारीख तय मानी जा रही थी, लेकिन यह समयसीमा बीतने के बाद अब उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) दशहरे के पावन पर्व के बाद इस मार्ग पर यात्री संचालन शुरू करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
CMRS से मिल चुकी है हरी झंडी, ट्रायल भी पूरा:
उल्लेखनीय है कि इस नए रूट का निर्माण कार्य, सुरक्षा जांच और लगातार ट्रायल का काम बहुत पहले ही सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। यूपीएमआरसी के संयुक्त महाप्रबंधक पंचानन मिश्र ने बताया कि पिछले महीने मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (CMRS) ने पूरे मार्ग, सिग्नलिंग और यात्री सुविधाओं का बारीकी से गहन निरीक्षण किया था। किसी प्रकार की कोई तकनीकी खामी या कमी न मिलने पर आयोग द्वारा इस कॉरिडोर को पूर्व में ही हरी झंडी दे दी गई थी।
5 नए स्टेशन तैयार, ताज ईस्ट गेट से आईएसबीटी तक सीधा संपर्क:
यह नया खंड चालू होते ही ताज ईस्ट गेट से आईएसबीटी तक यात्रियों को बिना रुकावट सीधा मेट्रो संपर्क मिलने लगेगा। मनकामेश्वर से आगे बढ़ाए गए इस मार्ग पर कुल पांच नए अत्याधुनिक स्टेशन बनकर पूरी तरह तैयार हैं। इनमें चार भूमिगत स्टेशन— एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी और आरबीएस कॉलेज शामिल हैं, जबकि आईएसबीटी का स्टेशन एलिवेटेड बनाया गया है। इस रूट पर वर्तमान में खाली मेट्रो ट्रेनों के फेरे बढ़ाकर रोजाना छह से आठ चक्कर किए जा रहे हैं। सभी स्टेशनों पर किराए की सूची चस्पा करने और सौंदर्यीकरण व सजावट का कार्य अंतिम दौर में है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं उद्घाटन, अगला लक्ष्य सिकंदरा:
इन पांचों नए मेट्रो स्टेशनों का औपचारिक उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। उद्घाटन कार्यक्रम के शेड्यूल में देरी होने के कारण ही संचालन की तारीख आगे खिसकी है। वहीं यूपीएमआरसी ने अपने आगामी लक्ष्य भी तय कर लिए हैं। दिसंबर 2026 तक इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाते हुए इसे गुरु का ताल और सिकंदरा तिराहे तक मेट्रो रेल सेवा से पूरी तरह जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।