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यूपी में तीन महीने में पंचायत चुनाव कराने का इलाहाबाद हाई कोर्ट आदेश

By LOK NATH PANDEY • 2026-10-15 04:49 • 10 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
यूपी में तीन महीने में पंचायत चुनाव कराने का इलाहाबाद हाई कोर्ट आदेश

उत्तर प्रदेश में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का हाई कोर्ट का आदेश, निवर्तमान प्रधान बने रहेंगे प्रशासक

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया है। अदालत के आदेश के अनुसार, चुनाव होने तक निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में काम करते रहेंगे। इस मामले में करीब तीन घंटे तक सुनवाई हुई थी, जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने की।

11 याचिकाओं पर हुई सुनवाई

उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में समय पर पंचायत चुनाव कराने और ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के फैसले को कुल 11 याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी गई थी। इनमें छह जनहित याचिकाएं भी शामिल थीं। इन सभी याचिकाओं पर हाई कोर्ट की संबंधित खंडपीठ ने एक साथ सुनवाई की।

याचिकाओं में उत्तर प्रदेश सरकार के 25 मई के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई थी। मामले में उत्तर प्रदेश सरकार, पंचायती राज विभाग के निदेशक, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायती राज अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया था।

निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में काम जारी रखेंगे

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हाई कोर्ट ने पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराने का निर्देश दिया और प्रशासकों की नियुक्ति तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं में राहत देने से इनकार कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, निवर्तमान ग्राम प्रधान चुनाव होने तक प्रशासक के रूप में काम जारी रखेंगे।

पंचायत चुनाव की समयसीमा और प्रशासकों की भूमिका से जुड़े इस फैसले का राज्य की स्थानीय शासन व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। हालांकि, चुनाव की तैयारियों, कार्यक्रम और प्रशासनिक प्रक्रिया से संबंधित आगे की जानकारी के लिए राज्य निर्वाचन आयोग तथा संबंधित सरकारी विभागों की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखना जरूरी होगा।

नोट: प्रकाशित करने से पहले हाई कोर्ट के मूल आदेश से चुनाव की समयसीमा, प्रशासकों की भूमिका और याचिकाओं के निपटारे से संबंधित विवरण का अंतिम मिलान किया जाना चाहिए।

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