CONGRESS ALLEGES ₹82.57-CRORE FAVOURITISM IN GUJARAT DIALYSIS PROGRAMME, CITES CAG REPORT
Gujarat Dialysis Programme पर कांग्रेस के आरोप, ₹82.57 करोड़ के कार्यादेश को लेकर उठे सवाल
गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य के Gujarat Dialysis Programme में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. पार्थिवराजसिंह कठवाड़िया ने दावा किया है कि कार्यक्रम से जुड़े कुल ₹82.57 करोड़ के कार्यादेश ऐसी कंपनी को दिए गए, जिसके स्वामित्व को लेकर उन्होंने कार्यक्रम के एक अधिकारी के परिवार से संबंध होने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने इन दावों के समर्थन में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में दर्ज टिप्पणियों का हवाला दिया है।
Bio Trust Medical Devices को लेकर कांग्रेस के सवाल
कठवाड़िया के अनुसार, Bio Trust Medical Devices का संबंध बीना किरण पारिख से बताया गया है, जिन्हें उन्होंने गुजरात डायलिसिस कार्यक्रम के तत्कालीन प्रोजेक्ट अधिकारी किरण पारिख की पत्नी बताया। कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम से जुड़े दस्तावेजों में उपलब्ध GST रिकॉर्ड और ईमेल के आधार पर कंपनी के स्वामित्व संबंधी जानकारी सामने आई।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 2016-17 से 2025-26 के बीच कंपनी को विभिन्न कार्यादेश दिए गए और इस संबंध में संभावित हितों के टकराव की जांच की आवश्यकता है। पार्टी ने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि संबंधित प्रक्रियाओं में इस कथित संबंध की जांच किस स्तर पर की गई थी।
परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका पर भी सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने कार्यक्रम में किरण पारिख के परिवार के अन्य सदस्यों की कथित भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, सरकार की ओर से CAG के सवालों के जवाब में पारिख के पिता और भाइयों के कार्यक्रम से जुड़े होने की जानकारी दी गई थी। कांग्रेस ने दावा किया कि इनमें से कुछ लोगों की भूमिका खरीद और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों से संबंधित थी।
पार्टी ने मांग की है कि सरकार कार्यक्रम की निगरानी और खरीद प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की भूमिकाएं स्पष्ट करे तथा यदि किसी प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
स्टेराइल कंटेनर की खरीद पर भी सवाल
कठवाड़िया ने स्टेराइल कंटेनरों की खरीद को भी अपने आरोपों का हिस्सा बनाया। उनके अनुसार, 40 कंटेनरों के लिए प्रति इकाई ₹5,92,375.67 की दर बताई गई और कुल मूल्य लगभग ₹2.37 करोड़ रहा। कांग्रेस का दावा है कि इस प्रक्रिया में Bio Trust Medical Devices एकमात्र बोलीदाता रही।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि निविदा की शुरुआती अवधि 21 दिनों से घटाकर 11 दिन कर दी गई थी। पार्टी ने इस प्रक्रिया और एकल बोली के आधार पर किए गए कार्यादेश की जांच की मांग की है। इन दावों की अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों से स्पष्ट होगी।
दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने का आरोप
कांग्रेस ने खरीद प्रक्रिया से संबंधित कुछ दस्तावेजों और रिकॉर्ड की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। कठवाड़िया के अनुसार, CAG की जांच के दौरान खरीद से जुड़े आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए थे। उन्होंने AIIMS Nagpur से संबंधित कथित बाजार सर्वे के दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस का कहना है कि CAG की टिप्पणियों में खरीद प्रक्रिया में दस्तावेजीकरण से जुड़ी कमियों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दावों की व्याख्या कांग्रेस द्वारा की गई है और संबंधित CAG दस्तावेजों के संदर्भ में प्रत्येक आरोप की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
कांग्रेस ने जांच और कार्रवाई की मांग की
कठवाड़िया के अनुसार, किरण पारिख ने 2014 में गुजरात डायलिसिस कार्यक्रम में तकनीकी अधिकारी के रूप में काम शुरू किया था और बाद में 2018 में प्रोजेक्ट अधिकारी बने। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार संबंधित कार्यादेशों, अधिकारियों की भूमिकाओं और खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जांच कराए।
पार्टी ने यह भी कहा है कि यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि उपरोक्त आरोप गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी और उसके प्रवक्ता द्वारा CAG की टिप्पणियों की उनकी व्याख्या के आधार पर लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में संबंधित सरकारी विभाग, गुजरात डायलिसिस कार्यक्रम, Bio Trust Medical Devices या नामित व्यक्तियों की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इसलिए आरोपों को अंतिम रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
अब मामले में आगे की स्थिति संबंधित सरकारी जांच, आधिकारिक दस्तावेजों और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया से स्पष्ट होगी।