गुजरात के 4 जिलाें में दुष्काल घोषित किया गया
गांधीनगर: गुजरात सरकार ने कम मानसूनी बारिश के चलते देवभूमि द्वारका, कच्छ, पोरबंदर और जामनगर सहित चार जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 26 अक्टूबर 2026 को इसकी घोषणा करते हुए प्रभावित किसानों और पशुपालकों के लिए राहत उपायों की जानकारी दी।
सरकार के अनुसार, इस मानसून के दौरान गुजरात में औसतन लगभग 89 प्रतिशत बारिश हुई, लेकिन इन चार जिलों में वर्षा की कमी के कारण कृषि और ग्रामीण आजीविका पर असर पड़ा है। सूखे की स्थिति का आकलन केंद्र सरकार के वर्ष 2016 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया।
घोषित राहत उपायों के तहत, फसल नुकसान झेलने वाले पात्र किसानों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के मानकों के अनुसार अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि की सीमा तक 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा, प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों को राहत देने के लिए रियायती दर पर चारा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
सरकार ने प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित योजना के तहत 150 दिनों तक रोजगार देने की घोषणा की है। इसके साथ ही, पात्र पशु शिविरों में पशुओं के रखरखाव के लिए प्रति पशु प्रतिदिन 80 रुपये की सहायता देने की बात कही गई है।
सरकार के अनुसार, आगामी रबी सीजन के लिए सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत उपायों के क्रियान्वयन और किसानों तक सहायता पहुंचने पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।
