शिक्षक दिवस 2026: छात्रों में बढ़ती स्क्रीन की लत और नशे के खिलाफ शिक्षकों को सक्रिय भूमिका निभाने की पीएम मोदी की अपील
शिक्षक दिवस पर पीएम मोदी ने शिक्षकों से छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान देने की अपील
नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026: शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के विजेता शिक्षकों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को केवल शिक्षा और परीक्षा परिणामों तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से विद्यार्थियों में बढ़ते स्क्रीन टाइम और नशे की समस्या को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शिक्षकों से छात्रों के व्यवहार और दिनचर्या में होने वाले बदलावों पर ध्यान देने तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित मार्गदर्शन और सहयोग देने का आग्रह किया।
मोबाइल और स्क्रीन टाइम पर जताई चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों के अत्यधिक मोबाइल और स्क्रीन इस्तेमाल को चिंता का विषय बताया। उन्होंने शिक्षकों से अभिभावकों के साथ संवाद करने और बच्चों के स्क्रीन उपयोग, विशेषकर देर रात मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर नजर रखने की बात कही।
उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने के लिए खेलकूद, शारीरिक गतिविधियों, रचनात्मक कार्यों और उनकी रुचि से जुड़ी अन्य गतिविधियों से जोड़ा जाए।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए 82 शिक्षकों और शिक्षाविदों का चयन
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए कुल 82 शिक्षकों और शिक्षाविदों का चयन किया गया है। इनमें स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के 48 शिक्षक, उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक से जुड़े 21 शिक्षक एवं संकाय सदस्य तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के 13 कौशल प्रशिक्षक शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने पुरस्कार विजेताओं के नवाचार, समर्पण और रचनात्मक शिक्षण पद्धतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम और कक्षा तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों की जिज्ञासा, प्रतिभा और व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
नशे की समस्या को लेकर शिक्षकों से सतर्क रहने की अपील
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों में नशे की समस्या को लेकर भी शिक्षकों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार में अचानक होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए और नशे से जुड़े मामलों में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के साथ संवाद बढ़ाने और उनकी समस्याओं को समझने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
बच्चों की प्रतिभा पहचानने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में अलग-अलग क्षमताएं और प्रतिभाएं होती हैं। ऐसे में केवल शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। शिक्षकों को बच्चों की रुचियों और प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने चाहिए।
उन्होंने शिक्षा में रचनात्मकता, व्यावहारिक अनुभव और जीवन कौशल को भी महत्व देने की बात कही।
शिक्षकों की भूमिका केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं
प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से विद्यार्थियों के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व, जिज्ञासा और सामाजिक जिम्मेदारी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री का संदेश विद्यार्थियों के समग्र विकास, स्वस्थ दिनचर्या और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहा।
रिपोर्टर: प्रणव पारसून
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