गंगा नदी का जलस्तर बढ़ाने से तराई क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित नाव से बाहर निकला गया
रेवतीपुर। जमानियां में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।इसके बाद तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का असर साफ दिखने लगा है। खेतों के बाद अब बाढ़ का पानी आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और तटवर्ती गांवों के लोगों को सुरक्षित व ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दे रहा है।इसी बीच बुधवार को भगीरथपुर गांव के रामप्रवेश चौधरी अपने अस्थायी घर में पत्नी, बेटी और करीब दस मवेशियों के साथ बाढ़ के पानी में घिर गए। उनका यह घर गंगबरार क्षेत्र में बना हुआ था। चारों ओर पानी भर जाने के बाद रामप्रवेश ने तुरंत इसकी सूचना प्रधान प्रतिनिधि राकेश कुमार सिंह को फोन पर दी।
राकेश कुमार सिंह ने तुरंत क्षेत्रीय लेखपाल को इसकी जानकारी दी। वह अपने सहयोगियों के साथ नाव लेकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद बाढ़ के पानी में फंसे परिवार को बचाने का अभियान शुरू किया गया। नाव की मदद से परिवार के सदस्यों, मवेशियों, खाने का सामान और चारपाई सहित सभी जरूरी चीजों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया।गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में सैकड़ों एकड़ फसलें पानी में डूब गई हैं। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन के मुताबिक, तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले ज्यादातर लोग सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं। हालांकि, अभी तक बाढ़ से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।तहसील प्रशासन ने बाढ़ कंट्रोल रूम को चालू कर दिया है। बाढ़ से जुड़ी किसी भी जानकारी या मदद के लिए 05497-252074 पर संपर्क किया जा सकता है।
तहसीलदार रामनारायण वर्मा ने बताया कि प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। वह किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित और तटवर्ती इलाकों में बेवजह जाने से बचें।
रेस्क्यू अभियान के दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राकेश कुमार सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल रामअवतार राम, अवधेश राम, अभिषेक कुमार, मुन्ना चौधरी, पुनर्वासी राम और अन्य लोग मौजूद थे।