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Nepal rescuers blast hillside in search of hydropower workers as families wait anxiously

By AMANDEEP • 2026-09-01 06:23 • 1 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
Nepal rescuers blast hillside in search of hydropower workers as families wait anxiously

Nepal Flood Rescue: Trishuli Hydropower Tunnels में फंसे सैकड़ों workers को बचाने की कोशिश तेज

Nepal में Trishuli River के किनारे आई विनाशकारी बाढ़ के बाद hydropower projects की सुरंगों में फंसे सैकड़ों workers के परिजनों की उम्मीदें अब rescue operation पर टिकी हैं। सोमवार को rescuers ने पहाड़ी हिस्सों में explosives का इस्तेमाल कर रास्ता बनाने और सुरंगों के भीतर हवा पहुंचाने की कोशिश तेज कर दी।

Trishuli-3A site से जुड़े rescue efforts के बीच परिवार लगातार अपने परिजनों के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद कर रहे हैं। 33 वर्षीय engineer Aurus Bhandari की पत्नी Anushila Bhandari ने BBC Nepali से कहा कि वह चाहती हैं कि उनके पति सुरक्षित वापस घर लौटें।

Hydropower sites पर rescue operation जारी

Nepalese authorities के अनुसार बाढ़ प्रभावित hydropower projects में बड़ी संख्या में workers के फंसे होने की आशंका है। प्रधानमंत्री Balendra Shah ने बताया कि इन sites से अब तक 279 लोगों को बचाया जा चुका है।

Rescue operation में Chinese और Nepalese military personnel के साथ-साथ India, Korea और Australia के विशेषज्ञ भी सहयोग कर रहे हैं। सुरंगों तक पहुंचने के लिए मलबा हटाने, रास्ता बनाने और अंदर oxygen पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

एक tunnel में सोमवार को rescue team पहुंचने में सफल रही, लेकिन वहां किसी व्यक्ति के नहीं मिलने के बाद टीम को वापस लौटना पड़ा। अधिकारियों और विशेषज्ञों के सामने सबसे बड़ी चुनौती भारी मलबे और विशाल चट्टानों को हटाकर सुरंगों तक सुरक्षित पहुंच बनाना है।

परिजनों को अब भी बचाव की उम्मीद

फंसे हुए workers के परिवारों का कहना है कि rescue operation में हर गुजरता समय बेहद महत्वपूर्ण है। कुछ परिजनों को उम्मीद है कि सुरंगों के भीतर oxygen system होने के कारण उनके रिश्तेदार अभी भी जीवित हो सकते हैं।

Upper Trishuli-1 plant में काम करने वाले engineer Milan Kharel के परिवार ने भी उम्मीद जताई है कि सेना जल्द से जल्द tunnel तक पहुंचकर वहां मौजूद लोगों को बचा सकती है।

Australian engineer Arnold Dix, जो underground search operations में Nepalese authorities की सहायता कर रहे हैं, ने बताया कि बाढ़ और मलबे के कारण कई locations की पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर घरों से भी बड़ी चट्टानें रास्ते में आ गई हैं।

बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत

Nepal की disaster management authority के अनुसार flood disaster में मृतकों की संख्या 939 तक पहुंच गई है, जबकि 3,925 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई है। Missing लोगों में 592 foreign nationals भी शामिल हैं।

बाढ़ से Nepal के hydropower sector को भी भारी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के अनुसार कम से कम 11 hydropower projects, जो या तो पूरे हो चुके थे या निर्माणाधीन थे, इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।

अज्ञात शवों की पहचान की चुनौती

बाढ़ के बाद downstream इलाकों में भी बड़ी संख्या में शव मिलने से प्रशासन के सामने उनकी पहचान की चुनौती है। Chitwan में करीब 300 शव नदी के जरिए पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कई शवों की पहचान नहीं हो सकी है और medical teams DNA samples की मदद से पहचान की प्रक्रिया में जुटी हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक spokesperson के अनुसार अब तक मिले लगभग 900 शवों में से केवल 4 प्रतिशत की पहचान हो पाई है। शवों को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण authorities को temporary burial का सहारा भी लेना पड़ा है।

Tibet में भी नुकसान

Chinese state media के अनुसार Tibet में बाढ़ से 16 लोगों की मौत हुई है और 546 लोग लापता बताए गए हैं। वहीं, Nepal authorities ने बाढ़ से जुड़ी misinformation को रोकने के लिए online content पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

Rescue teams अब भी Trishuli क्षेत्र में search operation जारी रखे हुए हैं। प्रभावित families के लिए आने वाले घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि सुरंगों में फंसे workers तक जल्द पहुंचना rescue effort की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।

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